पश्चिमी अफ्रीका में मौजूद देश नाइजीरिया में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नाइजीरिया के एक कैथोलिक स्कूल पर बदमाशों ने हमला किया और 300 से ज्यादा बच्चों को किडनैप कर लिया। नाइजीरिया में यह अब तक का सबसे बड़ा किडनैपिंग केस बताया जा रहा है। बताया गया कि इन छात्रों में लड़के और लड़कियां दोनों शामिल थे। इनकी उम्र महज 10 से 18 साल के बीच थी।
नाइजीरिया के क्रिश्चियन एसोसिएशन (सीएएन) ने कहा कि नाइजर राज्य के सेंट मैरी स्कूल से पहले 227 बच्चों के किडनैप होने की आशंका थी लेकिन वैरिफिकेशन के बाद पता चला कि 315 बच्चे किडनैप हुए है। जानकारी के अनुसार, निजर राज्य के पापिरी में स्थित सेंट मैरी स्कूल से शुक्रवार को 303 छात्र और 12 शिक्षक का अपहरण हुआ। क्रिश्चियन एसोसिएशन (सीएएन) के अध्यक्ष ने बताया कि अगवा करते समय हथियारबन्द हमलावरों की गिरफ्त से भागने की कोशिश में 80 से ज्यादा छात्रों को पकड़ लिया गया।
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घटना के पीछे वजह बताई जा रही है कि इस महीने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईसाइयों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। इसके बाद सशस्त्र समूहों और इस्लामी विद्रोहियों ने ईसाइयों के स्कूल पर हमला करके बच्चों और शिक्षकों को किडनैप कर लिया।
बता दें कि साल 2014 में चिबोक में बोको हराम आतंकवादियों ने 276 स्कूली छात्राओं को किडनैप किया था। सीएएन बयान में कहा गया कि हम सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि हमारे बच्चों को बचाया जा सके और सुरक्षित वापस लाया जा सके। केंद्र सरकार ने करीब 50 संघीय कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है। कुछ राज्यों में पब्लिक स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।
उधर, अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका नाइजीरियाई सरकार को ईसाई समुदायों और धार्मिक स्वतंत्रता की बेहतर सुरक्षा के लिए बाध्य करने की योजना के तहत आतंकवाद निरोध पर प्रतिबंध और पेंटागन की भागीदारी जैसी कार्रवाइयों पर विचार कर रहा है।
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