तेल संकट से टूटी पाकिस्तान की कमर, वेतन में 30% तक की कटौती; विदेश यात्रा पर लगाया बैन

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा यह फैसला उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें ईंधन की बढ़ती कीमतों के आर्थिक प्रभावों पर समीक्षा हुई. बैठक में प्रेट्रोल-डीजल के उतार-चढ़ाव और सरकारी खर्च घटाने के उपायों पर काम करने को लेकर चर्चा हुई.

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते 14 दिनों से जारी युद्ध का असर अब एशियाई देशों में दिखने लगा है. भारत में जहां एलपीजी संकट को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं पाकिस्तान में हालात और भी बदतर हो गए हैं. ईरान युद्ध से उपजी ईंधन संकट की मार झेल रहे पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कठोर कदम उठाया है. शनिवार को उन्होंने सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दे दी.

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PM शहबाज शरीफ का बड़ा कदम


प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा यह फैसला उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें ईंधन की बढ़ती कीमतों के आर्थिक प्रभावों पर समीक्षा हुई. प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, बैठक में प्रेट्रोल-डीजल के उतार-चढ़ाव और सरकारी खर्च घटाने के उपायों पर काम करने को लेकर चर्चा हुई. बयान में कहा गया, ‘सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सरकारी संरक्षण वाली कंपनियों और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन में भी 5-30 प्रतिशत कटौती होगी.’

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वेतन कटौती के पैसों का क्या करेगी सरकार?


सरकार ने बताया कि वेतन कटौती से होने वाली बचत का इस्तेमाल सिर्फ जन कल्याण के लिए किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम प्रति लीटर 55 रुपये बढ़े थे, जिसके बाद यह कदम जरूरी हो गया. बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत कटौती थर्ड-पार्टी ऑडिट से निगरानी में होगी. अगले दो महीनों में 60 प्रतिशत सरकारी वाहन सड़कों से हटाए जाएंगे.

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मंत्रियों की विदेश यात्रा पर भी प्रतिबंध


वहीं, निगमों और संस्थाओं के बोर्ड प्रतिनिधियों को भागीदारी शुल्क नहीं मिलेगा, इसे बचत में गिना जाएगा. नई वाहन खरीद और अन्य सरकारी खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा. कैबिनेट सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के अगले दो महीनों के वेतन को जन कल्याण बचत के रूप में उपयोग किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, राज्यमंत्रियों व विशेष सहायकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा.’ आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट संकट ने पाकिस्तान को बुरी तरह प्रभावित किया है, क्योंकि वो खाड़ी तेल पर निर्भर है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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