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पाकिस्तान में जिस समाधि स्थल पर पहुंचे राजीव शुक्ला, भगवान राम से क्या है उसका कनेक्शन?

Tomb of Lord Ram son Lav in Lahore: BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने गुरुवार को लाहौर में भगवान राम के बेटे लव की समाधि स्थल का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इस बात की जानकारी दी और बताया कि लाहौर शहर का नाम लव के नाम पर ही रखा गया है।

Author Edited By : Satyadev Kumar
Updated: Mar 6, 2025 22:09
BCCI vice president Rajeev Shukla
भगवान राम के बेटे लव की समाधि पर पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला।
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News24 एआई आवाज़

Tomb of Lord Ram son Lav in Lahore: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला गुरुवार को चैंपियंस ट्रॉफी के बीच लाहौर पहुंच गए। वह बुधवार (5 मार्च) को गद्दाफी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच मैच देखने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान राम के बेटे से जुड़े एक मंदिर में प्रार्थना भी की। इस बात की जानकारी उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके दी है। इस दौरान उनके साथ पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद थे।

लाहौर में भगवान राम के बेटे लव की समाधि

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए लाहौर के एक प्राचीन मंदिर और प्रभु श्रीराम के पुत्र लव से जुड़े कई ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में जानकारी दी। राजीव शुक्ला ने अपनी पोस्ट में बताया कि लाहौर के प्राचीन किले में भगवान राम के पुत्र लव की एक समाधि मौजूद है। साथ ही उन्होंने बताया कि लाहौर शहर का नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया था। इस ऐतिहासिक स्थल पर उन्हें प्रार्थना करने का मौका मिला। उनके साथ पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी इस समाधि का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। मोहसिन ने मुख्यमंत्री रहते हुए यह काम शुरू करवाया था।

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भगवान राम के पुत्र लव ने बसाया था लाहौर

राजीव शुक्ला ने आगे बताया कि लाहौर के म्युनिसिपल रिकॉर्ड में इस बात का उल्लेख है कि यह नगर भगवान राम के पुत्र लव द्वारा बसाया गया था। वहीं, लव के भाई कुश के नाम पर पाकिस्तान में कसूर शहर बसाया गया। पाकिस्तान सरकार भी इस बात को मानती है।

लाहौर का रामायण से है संबंध

बता दें कि पाकिस्तान का लाहौर शहर इतिहास और संस्कृति के लिहाज से बेहद समृद्ध माना जाता है। 1947 के बंटवारे से पहले यह भारत का हिस्सा था और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत कई समुदायों के लोग साथ रहते थे। यह शहर रामायण काल से भी जुड़ा हुआ है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, लाहौर का प्राचीन नाम लवपुरी था, जिसे भगवान राम के पुत्र लव ने बसाया था। कहा जाता है कि जब भगवान राम ने वानप्रस्थ (हिन्दू धर्म में जीवन के 4 प्रमुख भाग (आश्रम) किए गए हैं- ब्रम्हचर्य, ग्रृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। अर्थात तीसरे भाग वानप्रस्थ का अर्थ वन प्रस्थान करने वाले से है।) जाने का फैसला लिया तब उन्होंने अपने बेटों लव और कुश को शासन सौंप दिया था। इस दौरान लव ने पंजाब के क्षेत्र पर शासन किया और लवपुरी को अपनी राजधानी बनाया। हालांकि, इस तथ्य का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में नहीं मिलता, लेकिन लोककथाओं और ऐतिहासिक दस्तावेजों में इसका वर्णन किया गया है।

First published on: Mar 06, 2025 10:06 PM

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