इजरायल में आर्थिक मंदी की आहट? जानिए- ईरान से जंग की कितनी चुकानी पड़ रही कीमत

वर्तमान में इजरायल में ‘रेड अलर्ट’ लेवल के बैन लागू हैं, इनके तहत आवश्यक व्यवसायों को छोड़कर सभी सभाओं, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और वर्क प्लेस पर रोक है.

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ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा महायुद्ध न केवल जान-माल का नुकसान कर रहा है, बल्कि यह इजरायल की इकॉनमी के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है. इजरायली वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि मौजूदा बैन और इकॉनमी एक्टिविटीज में रुकावट की वजह से इजरायल को हर सप्ताह 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 27,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है.

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टाइम्स ऑफ इजरायल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि वित्त मंत्रालय के महानिदेशक इलान रोम ने होम फ्रंट कमांड के प्रमुख मेजर जनरल शाई क्लैपर को लिखे एक पत्र में चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि देश की सुरक्षा और रक्षा नीति सर्वोपरि है, लेकिन बड़े पैमाने पर काम-काज ठप करने से इकॉनमी को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. पिछले ढाई साल से सुरक्षा जरूरतों में बढ़ोतरी और युद्ध की वजह से इजरायली इकॉनमी पहले से ही दबाव में है.

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साथ ही कहा है कि हमें होम फ्रंट की सुरक्षा जरूरतों और अर्थव्यवस्था की जरूरतों दोनों के समाधान की जरूरत है.

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वर्तमान में इजरायल में ‘रेड अलर्ट’ लेवल के बैन लागू हैं, इनके तहत आवश्यक व्यवसायों को छोड़कर सभी सभाओं, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और वर्क प्लेस पर रोक है. लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के लिए कहा जा रहा है और यात्रा पर कड़े प्रतिबंध हैं.

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इलान रोम ने सुझाव दिया है कि इन प्रतिबंधों को ‘ऑरेंज अलर्ट’ में बदला दिया जाए. ‘ऑरेंज अलर्ट’ के तहत सुरक्षित स्थानों के पास स्थित वर्क प्लेस को खोलने की अनुमति होती है. वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि अगर ऐसा किया जाता है, तो हर सप्ताह का घाटा करीब 1.5 बिलियन डॉलर रह जाएगा, जो मौजूदा घाटे के आधे से भी कम है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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