US Iran Tension Update: अमेरिका और ईरान का तनाव चरम पर है और मिडिल ईस्ट में हालात काफी नाजुक हैं. डोनाल्ड ट्रंप और अली खामेनेई दोनों आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. फिर भी दोनों कूटनीति से विवाद सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं, जिसके तहत आज ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों पक्ष आमने-सामने बैठेंगे. अमेरिका ने कुछ शर्तें रखी हैं, वहीं ईरान सिर्फ न्यूक्लियर डील की बात कह रहा है. ऐसे में अगर आज की वार्ता फेल हो गई तो ईरान के साथ पूरा मिडिल ईस्ट जलेगा.
अमेरिका ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
ईरान से शांति वार्ता से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘Level 4: Do Not Travel’ एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत सभी अमेरिकी नागरिकों से देश छोड़ने की तत्काल अपील की गई है. चेतावनी दी गई है कि देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो सकते हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बयान में कहा कि सभी अमेरिकियों से ईरान तुरंत छोड़ने का आग्रह है. यह भी सलाह है कि हवाई मार्गों की बजाय लैंड बॉर्डर्स खासकर तुर्की और आर्मेनिया की सीमाओं का इस्तेमाल करें. ईरान ने अमेरिकी नागरिकों के लिए वीजा प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिससे इस वक्त ईरान में अमेरिकियों की संख्या घटकर लगभग 40 रह गई है.
🇺🇸🇮🇷 Former Trump National Security Advisor John Bolton on the upcoming US-Iran talks:
— Visioner (@visionergeo) February 5, 2026
These meetings are a waste of oxygen.
There is simply no room for agreement between Iran and the United States on this. This is a point that was entirely predictable.
I don’t know what Trump… pic.twitter.com/Rspu2EBbfe
ओमान मेजबान और 3 देश करेंगे मध्यस्थता
बता दें कि ओमान में अमेरिका और ईरान की बातचीत कतर-तुर्किए और मिस्र की मध्यस्थता से होगी. मेजबानी ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी करेंगे. वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका की ओर से जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ बातचीत करेंगे. लेकिन अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के बीच कोई समझौता न होने की बात कह चुके हैं, वहीं खामेनेई भी चेतावनी दे चुके हैं कि डील सिर्फ न्यूक्लियर पर हो सकती है, कोई और शर्त मंजूर नहीं करेंगे.
समझौता नहीं हुआ तो मिडिल ईस्ट जलेगा?
बता दें कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच आज होने वाली बातचीत फेल हो गई तो जंग छिड़ सकती है, जिसकी खामियाजा पूरे मिडिल ईस्ट को भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई चेतावनी दे चुके हैं कि अगर अमेरिका का हमला हुआ तो सिर्फ ईरान युद्ध नहीं लड़ेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को साथ आना पड़ेगा, वहीं ट्रंप भी खामेनेई को बंकर समेत उड़ाने की धमकी दे चुके हैं. इसके अलावा भी अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए 5 टारगेट फाइनल किए हुए हैं.
🚨@PressSec: While these negotiations are taking place, I would remind the Iranian regime that the President has many options at his disposal aside from diplomacy as the Commander-in-Chief of the most powerful military in the history of the world. pic.twitter.com/2AwRWvZIc8
— Department of State (@StateDept) February 5, 2026
अमेरिका और ईरान में ऐसे बढ़ रहा तनाव
बता दें कि अमेरिका ने अरब सागर में अपना नौसैनिक बेड़ा USS अब्राहम लिंकन तैनात करके पहले से ही ईरान का घेराव किया हुआ है. वहीं ईरान ने भी अपनी सेना को अलर्ट मोड में रखा हुआ है. सभी 12 परमाणु ठिकानों के आस-पास ड्रोन और फाइटर जेट तैनात करके किलेबंद कर रखी है. सबसे खतरनाक परमाणु ठिकाना बुशेहर है, जिस पर हमला हुआ तो सभी अरब देशों में हाहाकार मच सकता है. वहीं ईरान ने भी धमकी दी हुई है कि वह मिडिल ईस्ट में बने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा.
समझौते की गुंजाइश नहीं, ट्रंप भी अड़े हैं
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता होने की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि अमेरिका अपनी 3 शर्तों पर अड़ा है और ईरान सिर्फ न्यूक्लियर डील चाहता है. ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सैय्यद अब्दुलरहीम मूसावी अमेरिका को खुली चुनौती दे चुके हैं और कह चुके हैं कि ईरान का अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर तैयार है. मूसावी ने कह दिया है कि मिसाइल प्रोग्राम बंद नहीं होगा, बल्कि मिसाइल से हमला होगा और अमेरिका की एक गलती की कीमत उसके लोगों को चुकानी पड़ेगी. ओमान में होने वाली शांति वार्ता के रिजल्ट का इंतजार है और फिर खामेनेई सरकार के एक इशारा होने की देर है, फिर देखो तमाशा.
🇮🇷 General Hossein Dehghani of Iran's Islamic Revolutionary Guard Corps:
— Visioner (@visionergeo) February 5, 2026
📌 "Our main goal is to expel America from the region; if the US attacks Iran, we will first strike Israel and target all American bases."
📌 "Washington returned to negotiations out of fear of the… pic.twitter.com/xAEt2u3wiu
ट्रंप का टारगेट खामेनेई और तख्तापलट
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मकसद भी साफ है. वे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल प्रोग्राम, खामेनेई का खात्मा चाहते हैं और ईरान में तख्तापलट चाहते हैं. इसके लिए सैन्य और कूटनीतिक प्लान तैयार है. ट्रंप के टारगेट के रास्ते में ईरान की सेना खड़ी है, जिसे तबाह करने के लिए प्लान तैयार है. ऐसे में ट्रंप भी बस ओमान में होने वाली बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, जो फेल हुई तो उसके बाद खाड़ी देशों में बारूद ही बारूद बरसेगा.










