Afghanistan Attacks Pakistan: इधर मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग चल रही है, उधर पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक दूसरे की जान के दुश्मन बने बैठे हैं। जी हां, मध्य पूर्व में हमलों के बीच अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर हमला कर दिया है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। नूर खान एयरबेस, क्वेटा में 12 कोर मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके और पेशावर एयरबेस समेत अन्य सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ है।
targeting the Nur Khan Airbase in Rawalpindi, the 12th Division headquarters in Quetta (Balochistan), the Khwazai Camp in the Mohmand Agency of Khyber Pakhtunkhwa, as well as several other significant Pakistani military facilities and command centers… pic.twitter.com/z4pqDjh9qN
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हमले में पाकिस्तान का भारी नुकसान हुआ
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सबसे अहम रावलपिंडी के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया है। हालांकि पाकिस्तान ने अभी तक हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अफगान सरकार का दावा है कि हमले में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। हवाई हमलों के जवाब में हमला किया गया है। अगर पाकिस्तान इसी तरह एयरस्पेस का उल्लंघन करता रहेगा तो उसे ऐसे जवाब मिलते रहेंगे।
भारत ने भी किया था नूरखान बेस पर हमला
बता दें कि पाकिस्तान के लिए रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस सबसे अहम है। इसी एयरबेस पर भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया था और भारी तबाही मचाई थी। पाकिस्तान अभी एयरबेस की मरम्मत कर ही रहा था कि अफगानिस्तान ने हमला करके और नुकसान कर दिया। वहीं पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रातभर काबुल पर गोले दागे हैं, जिसमें 400 से ज्यादा तालिबानी लड़ाके मारे गए और 500 से ज्यादा को अस्पताल पहुंचा दिया।
कितने जरूरी हैं पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने?
बता दें कि नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर में है और यह पाकिस्तानी वायुसेना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बेस है। इस बेस पर कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और गोला-बारूद के गोदाम हैं। बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में पाक आर्मी की 12वीं डिवीजन का हेड क्वार्टर हैं। पूरे बलूचिस्तान पर यहां से निगरानी रहती है और यहां हजारों सैनिक तैनात हैं।खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप अफगानिस्तान की सीमा से कुछ किलोमीटर दूर है और यहां पाकिस्तानी फौज की कई यूनिट्स तैनात हैं, जो सीमा की निगरानी करती हैं।
वहीं पाकिस्तान ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में अफगानिस्तान के 415 तालिबाी लड़ाके मारे जा चुके हैं। 580 से ज्यादा लोग घायल हैं। करीब 182 अफगान चौकियां तबाह कर दी हैं। 31 पर कब्जा कर लिया है। 185 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें भी नष्ट की हैं। अफगानिस्तान को अगर हमला करने का शौक है तो पाकिस्तान भी जवाब देना जानता है।










