ईरान और अमेरिका में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है. अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस फोर्ड (USS Ford) को मिडल-ईस्ट की तरफ जाने का आदेश दिया है. यह जहाज वहां पहले से मौजूद 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' के साथ मिलकर ईरान की घेराबंदी करेगा. यह वही जंगी जहाज है जिसने पिछले महीने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
ट्रंप सरकार ने इस पोत को कैरिबियन छोड़कर मध्य पूर्व की ओर बढ़ने को कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चालक दल को इसके बारे में गुरुवार को जानकारी दी गई थी. 'फोर्ड' और उसके सहयोगी जहाजों ने अक्टूबर में यूरोप के लिए तैनाती शुरू की थी. लेकिन फिर उन्हें कैरिबियन की ओर मोड़ दिया गया था. वहां उन्होंने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के मिशन में हिस्सा लिया था.
यह भी पढ़ें : ईरान पर फिर होगा Midnight Hammer ऑपरेशन? PM नेतन्याहू से मीटिंग के बाद ट्रंप ने बताई वजह
एक तरफ बात, दूसरी तरफ घेराबंदी
मध्य पूर्व में इसकी तैनाती तब हो रही है, जब ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत का दौर भी चल रहा है. ओमान में दोनों पक्षों में बातचीत भी हुई थी. इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री ने इस बातचीत को सकारात्मक पहल भी बताया था. हालांकि, उसके बाद भी दोनों देशों में तनाव देखने को मिला.
ट्रंप ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि ईरान के साथ परमाणु डील नाकाम होना 'बहुत दर्दनाक' होगा. साथ ही ट्रंप ने न्यूक्लियर डील को लेकर उम्मीद जताई थी कि 'मुझे लगता है कि अगले महीने के आसपास ऐसा होगा.उन्हें बहुत जल्दी सहमत होना चाहिए.'
यह भी पढ़ें : ईरान पर होगा भीषण हमला? अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के देशों में तैनात किए और मिसाइल लॉन्चर, जानें कहां-कैसी तैयारी?
इससे गिराई थी मादुरो की सरकार
यह पोत वही है, जो वेनेजुएला के पास तैनात किया गया था. इस पोत का इस्तेमाल मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर ले जाने के ऑपरेशन में किया गया था. अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गए थे. इसके बाद उन्हें अमेरिका ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ केस चलाया जा रहा है.
ईरान और अमेरिका में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है. अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस फोर्ड (USS Ford) को मिडल-ईस्ट की तरफ जाने का आदेश दिया है. यह जहाज वहां पहले से मौजूद ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ के साथ मिलकर ईरान की घेराबंदी करेगा. यह वही जंगी जहाज है जिसने पिछले महीने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
ट्रंप सरकार ने इस पोत को कैरिबियन छोड़कर मध्य पूर्व की ओर बढ़ने को कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चालक दल को इसके बारे में गुरुवार को जानकारी दी गई थी. ‘फोर्ड’ और उसके सहयोगी जहाजों ने अक्टूबर में यूरोप के लिए तैनाती शुरू की थी. लेकिन फिर उन्हें कैरिबियन की ओर मोड़ दिया गया था. वहां उन्होंने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के मिशन में हिस्सा लिया था.
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एक तरफ बात, दूसरी तरफ घेराबंदी
मध्य पूर्व में इसकी तैनाती तब हो रही है, जब ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत का दौर भी चल रहा है. ओमान में दोनों पक्षों में बातचीत भी हुई थी. इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री ने इस बातचीत को सकारात्मक पहल भी बताया था. हालांकि, उसके बाद भी दोनों देशों में तनाव देखने को मिला.
ट्रंप ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि ईरान के साथ परमाणु डील नाकाम होना ‘बहुत दर्दनाक’ होगा. साथ ही ट्रंप ने न्यूक्लियर डील को लेकर उम्मीद जताई थी कि ‘मुझे लगता है कि अगले महीने के आसपास ऐसा होगा.उन्हें बहुत जल्दी सहमत होना चाहिए.’
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इससे गिराई थी मादुरो की सरकार
यह पोत वही है, जो वेनेजुएला के पास तैनात किया गया था. इस पोत का इस्तेमाल मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर ले जाने के ऑपरेशन में किया गया था. अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गए थे. इसके बाद उन्हें अमेरिका ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ केस चलाया जा रहा है.