Parmod chaudhary
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वक्फ संशोधन विधेयक 2 अप्रैल को प्रश्नकाल के बाद एनडीए सरकार लोकसभा में पेश करेगी। इसके बाद विधेयक पर 8 घंटे तक चर्चा होगी। विपक्ष ने बिल पेश किए जाने का विरोध किया है। जेपीसी की सिफारिशों के बाद सरकार ने बिल में कुछ नए प्रावधान भी किए हैं। सरकार का दावा है कि संशोधन विधेयक भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार के लिए लाया गया है। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन का कहना है कि बिल में गलत कुछ भी नहीं है। विपक्ष मुस्लिमों को गुमराह कर रहा है। इससे पहले सीएए को लेकर भी विपक्ष ने कुछ ऐसा ही किया था।
8 अगस्त 2024 को लोकसभा में दो विधेयक पेश किए गए थे। सरकार ने इनके पीछे वक्फ बोर्ड के काम को सुव्यवस्थित करने और वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य बताए थे। इसके बाद इन्हें जेपीसी को भेजा गया था। वक्फ अधिनियम 1995 में पहले भी संशोधन किए जा चुके हैं। इस कानून में 2013 में कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए सरकार के समय भी संशोधन हुए थे। इस बिल को पेश करने के पीछे 5 मुख्य उद्देश्य सामने आए हैं। उनके बारे में जानने के लिए देखते हैं ये खास रिपोर्ट…
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