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UP News: ‘कथा कहने का अधिकार…’ इटावा के कथावाचक से बदसलूकी मामले में क्या बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा में कथावाचकों के साथ बदसलूकी मामले के बाद देश में ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कथावाचक सिर्फ ब्राह्मण जाति का व्यक्ति ही बन सकता है? News24 के इस वीडियो में सुनिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पर क्या कहा...

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UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा में कथावाचकों के साथ बदसलूकी मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब दोनों कथावाचकों के खिलाफ भी केस भी दर्ज कर लिया गया है। उन पर फर्जी आधार कार्ड और जाति छुपाकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद भी इस केस को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। इसके साथ ये सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या कथावाचक सिर्फ ब्राह्मण जाति से होना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन धर्म की किसी भी जाति में जन्म लेना गौरव की बात है। भगवान की कथा कहने और सुनने का अधिकार सबको है। लेकिन अगर सार्वजनिक रूप से कोई कथा होती है तो उसमें ब्राह्मण वक्ता व्यास आसन पर बैठता है। News24 के इस वीडियो में सुनें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने और क्या कुछ कहा…

First published on: Jun 26, 2025 03:09 PM
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