चेन्नई से कन्याकुमारी तक 8-लेन कोस्टल रोड की तैयारी, विजय थलापति सरकार ने केंद्र को भेजा 'मास्टरप्लान'

Tamil Nadu News: तमिलनाडु की सरकार ने केंद्र से अपील की है कि चेन्नई और कन्याकुमारी के बीच 8 लेन हाइवे को डेवलप किया जाए, जिससे ट्रैफिक जाम से आजादी मिल सके. अगर ये प्रोजेक्ट कामयाब होता है तो इन 2 अहम शहरों के बीच ट्रैवल टाइम काफी कम हो जाएगा.

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मुख्य बिंदु

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  • तमिलनाडु ने 700 किलोमीटर लंबे 8-लेन वाले चेन्नई-कन्याकुमारी कॉरिडोर का प्रपोजल रखा है.
  • इस कोस्टल हाइवे प्रोजेक्ट का मकसद ट्रैवल टाइम को तकरीबन 40 फीसदा तक कम करना है.
  • चेन्नई-नागापट्टिनम ईस्ट कोस्ट रोड के 250 KM से ज्यादा हिस्से को पहले ही चौड़ा किया जा चुका है.
  • मरक्कानम और पुडुचेरी के बीच 2157 करोड़ रुपये का 4-लेन वाला प्रोजेक्ट चल रहा है.
  • चेन्नई पेरिफेरल रिंग रोड के अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है, जो ट्रैफिक के फ्लो को ईजी बनाएगा.

Chennai–Kanyakumari Highway Corridor: तमिलनाडु की विजय थलापति सरकार ने केंद्र से चेन्नई और कन्याकुमारी को जोड़ने वाले तकरीबन 700 किलोमीटर लंबे, 8-लेन वाले हाइवे कॉरिडोर को डेवलप करने की गुजारिश की है. इस प्रपोजल में मौजूदा ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) को चौड़ा करना शामिल है, जिसके कुछ हिस्सों को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और राज्य हाइवे विभाग ने पहले ही 4-लेन का बना दिया है. इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक जाम कम होने और ट्रैवल टाइम तकरीबन 40 फीसदी तक घटने की उम्मीद है.

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रोड चौड़ा करने का प्रोजेक्ट

NHAI अधिकारियों के मुताबिक, चेन्नई-नागापट्टिनम रूट पर सड़क चौड़ी करने का काम काफी आगे बढ़ चुका है. 320 किलोमीटर लंबे रूट में से 250 किलोमीटर से ज्यादा हिस्से को पहले ही चौड़ा किया जा चुका है. वहीं, मरक्कानम और पुडुचेरी के बीच 46 किलोमीटर के 4-लेन वाले प्रोजेक्ट पर लगभग 2157 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है.

कोस्टल हाइवे को बड़ा करने का प्लान

हालांकि, कोस्टल हाइवे के कई हिस्से अभी भी 2-लेन तक ही सीमित हैं, जिससे बढ़ते ट्रैफिक के कारण जाम की परेशानी हो रही है. तमिलनाडु के हाइवे मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि ट्रांसपोर्ट की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य को और अधिक हाई-कैपेसिटी वाले सड़क कॉरिडोर की जरूरत है. उन्होंने बताया कि मेजर हाइवे पर ट्रैफिक जाम एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है, और पीक आवर्स के दौरान मुसाफिरों को अक्सर पास के उपनगरों से चेन्नई में दाखिल होने में कई घंटे लग जाते हैं.

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8 लेन तक एक्सपैंशन मुमकिन

अधिकारियों का मानना ​​है कि प्रपोज्ड कोस्टल अलाइनमेंट फ्यूचर में 8-लेन तक एक्सपैंशन के लिए माकूल जगह देता है. उन्होंने ये भी कहा कि पुडुचेरी में तेजी से जमीन अधिग्रहण से प्रोजेक्ट को स्पीड मिल सकती है. हाइवे अधिकारियों ने सुझाव दिया कि NHAI को इसके एग्जिक्यूशन और फंडिंग को लीड करना चाहिए क्योंकि उसके पास जमीन अधिग्रहण करने और राष्ट्रीय अहमियत के हाइवे प्रोजेक्ट्स को एफिशिएंटली लागू करने का ज्यादा अधिकार है.

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कनेक्टिंग रोड का डेवलपमेंट भी जरूरी

राज्य सरकार ने कनेक्टिंग रोड डेवलप करके भी इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने का प्रपोजल दिया है, जो मेन कॉरिडोर को अलग-अलग जिलों में दूसरे स्टेट हाइवे से जोड़ेंगी. इन फीडर रूट्स से रीजनल कनेक्टिविटी में सुधार और ट्रैफिक का बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन होने की उम्मीद है.

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम जारी

चेन्नई-कन्याकुमारी प्रपोजल के अलावा, राज्य हेवी कमर्शियल व्हीकल्स की आवाजाही को हैंडल करने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सड़कों को मजबूत करने पर काम कर रहा है. इन रूट्स की ड्यूरेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए नए क्वालिटी स्टैंडर्ड तैयार किए जा रहे हैं.

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चेन्नई पेरिफेरल रिंग रोड की जानकारी

अधिकारियों ने ये भी कंफर्म किया है कि एनोर को महाबलीपुरम से जोड़ने वाली 133 किलोमीटर लंबी चेन्नई पेरिफेरल रिंग रोड (CPRR) के अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके अलावा, एनोर पोर्ट तक कार्गो की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए एक डेडिकेटेड नॉर्दर्न पोर्ट एक्सेस रोड का कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है. इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने के बाद, उम्मीद है कि सेंट्रल, सदर्न और वेस्टर्न तमिलनाडु से माल ढोने वाले वाहन और मुसाफिर तेजी से और बेहतर तरीके से चेन्नई के बंदरगाह तक पहुंच सकेंगे.

निष्कर्ष

प्रपोज्ड चेन्नई-कन्याकुमारी 8-लेन कॉरिडोर तमिलनाडु के सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक बन सकता है. ईस्ट कोस्ट रोड का एक्सपैंशन करके और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बंदरगाहों और बड़े शहरों के साथ कनेक्टिविटी बेहतर बनाकर, ये प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और ट्रैफिक जाम को कम करने का लक्ष्य रखता है. अगर इसे मंजूरी मिलती है और इसे सही ढंग से लागू किया जाता है, तो ये हाइवे कम्यूटर्स, कमर्शियल ट्रांसपोर्ट और टूरिस्ट्स के लिए फास्ट, सेफ और ज्यादा भरोसेमंद सफर की सुविधा देगा, जिससे फ्यूचर की ट्रांसपोर्ट जरूरतों के लिए राज्य का रोड नेटवर्क मजबूत होगा.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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