ग्लासगो में जारी कॉमन वेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया है. अब तक भारत के पास 13 गोल्ड मेडल आ चुके हैं, जिससे सभी भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है. कई लोगों के मन में ये सवाल अक्सर उठता है कि क्या गोल्ड मेडल सच में सोने का बना होता है या उसमें कितने ग्राम सोना होता है. दरअसल, असलियत कुछ और ही है. गोल्ड मेडल में शुद्ध सोने की मात्रा कम ही होती है और बाकी चांदी का बना होता है.
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गोल्ड मेडल में कितना सोना?
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के नियमों के मुताबिक, मौजूदा वक्त के ओलंपिक गोल्ड मेडल में करीब 92.5% चांदी होनी चाहिए, जिसके ऊपर कम से कम 6 ग्राम शुद्ध सोने की पानी चढ़ाया जाता है. इसका मतलब ये है कि जिसे सब गोल्ड मेडल कहते हैं, उसमें मात्र 6 ग्राम ही सोना होता है. आमतौर पर गोल्ड मेडल का वजन करीब 500 से 550 ग्राम होता है. इसमें बेहतरीन क्वालिटी की चांदी का इस्तेमाल होता है और ऊपर सोने की परत. गोल्ड मेडल में करीब 500 ग्राम सिर्फ चांदी ही होती है.
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क्या होती है गोल्ड मेडल की कीमत?
गोल्ड मेडल का दाम सोने के रेट के हिसाब से लगाया जाता है. मेडल में 6 ग्राम सोना होता है, इसीलिए इसकी कीमत भी उसी हिसाब से मिलती है. आपको बता दें कि सिर्फ 1912 स्टॉकहोम ओलंपिक ही ऐसा टूर्नामेंट था, जिसमें जीतने वालों को शुद्ध सोने के मेडल दिए गए थे. लेकिन जैसे-जैसे सोने का दाम बढ़ने लगा, उसके बाद मेडल को चांदी का बनाया जाने लगा और उसपर गोल्ड की लेयर चढ़ा कर दी जाने लगी.
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