IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट टीम अब बैक टू बैक सीरीज खेलने वाली है. वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज अभी शुरू हो गई है. जिसके बाद टीम इंडिया 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज के लिए 6 अक्टूबर को टीम इंडिया का ऐलान हुआ. जहां पर टीम में स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भी धमाकेदार एंट्री आ गई है. लेकिन सभी का सवाल ये है कि 15 की जगह 16 खिलाड़ियों को क्यों टी-20 टीम में चुना गया है.
क्यों 16 खिलाड़ियों को टीम में नहीं मिली जगह?
टीम इंडिया के स्क्वाड पर नजर डाले तो वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा समय में खेल रहे स्क्वाड में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. इस सीरीज में खेल रहे कुल 14 खिलाड़ियों को ही न्यूजीलैंड के दौरे पर भेजा जा रहा है. खराब फॉर्म से जूझ रहे रवि बिश्नोई को बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की टीम इंडिया में वापसी हुई है. इंजरी के कारण लंबे समय से वरुण टीम का हिस्सा नहीं थे. इसके अलावा भुवनेश्वर कुमार की भी लगभग 4 सालों के बाद टीम में वापसी हुई है.
भारत न्यूजीलैंड के दौरे पर जा रहा है. ऐसे में टीम इंडिया को एक तेज गेंदबाज की ज्यादा जरूरत थी. ऐसे में भुवनेश्वर कुमार को टीम के साथ जोड़ा है. विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया 3 तेज गेंदबाजों के साथ उतरती है. 5 मैचों की सीरीज में इंजरी का भी खतरा होता है. ऐसे में खिलाड़ी खिलाड़ी के इंजरी होने पर फौरन कोई भारत से न्यूजीलैंड नहीं पहुंच सकता है. जिसके कारण ही बीसीसीआई ने एक्स्ट्रा खिलाड़ी पहले से ही टीम के साथ जोड़ा है. जिससे इंजरी होने पर भी खिलाड़ियों की मौजूदगी हो.
टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड
श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव.
सुपरस्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को पहले टी-20 मैच में खेलने का भी मौका मिल सकता है. भुवनेश्वर जैसे कद के गेंदबाजों को सिलेक्ट करने के बाद उन्हें बेंच पर नहीं बैठाया जा सकता है. ऐसे में उनकी सीधे प्लेइंग 11 में ही वापसी हो सकती है. इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती को भी सीधे प्लेइंग 11 में ही एंट्री मिल सकती है. इन दोनों खिलाड़ियों के कमबैक की वजह से टीम इंडिया की गेंदबाजी मजबूत हो जाएगी.