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लेह-लद्दाख में ट्रैफिक जाम से आजादी दिलाने की तैयारी, नितिन गडकरी ने बनाया 990. 51 करोड़ का तगड़ा प्लान

Leh Ladakh News: टूरिज्म का शौक रखने वालों को जिंदगी में कम से कम एक बार लेह-लद्दाख देखने का प्लान जरूर होता है, लेकिन इस रूट पर अक्सर बहुत ज्यादा ट्रैफिक देखने को मिलता है. अब सरकार इस परेशानी की को कम करने के लिए बाइपास बनाने जा रही है.

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मुख्य बिंदु

  • केंद्र ने 990.51 करोड़ रुपये के लेह बाइपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दी.
  • 2-लेन वाला ये हाइवे NH-1 और NH-3 को आपस में जोड़ेगा.
  • बाइपास का मकसद लेह शहर के अंदर ट्रैफिक जाम कम करना है.
  • इस प्रोजेक्ट से सड़क सुरक्षा, टूरिज्म और रीजनल कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
  • हाइवे के विकास से लद्दाख के लॉन्ग टर्म इकॉनमिक ग्रोथ में मदद मिलने की उम्मीद है.

Leh Bypass Project: कई बार आपने लेह और लद्दाख में सैलानियों की भारी भीड़ की वजह से ट्रैफिक जाम की खबरें सुनी होंगी, लेकिन फ्यूचर में इससे आजादी मिल सकती है. भारत सरकार ने लद्दाख में लेह बाइपास (सदर्न अलाइनमेंट) के निर्माण को 990.51 रुपये करोड़ की अनुमानित लागत से मंजूरी दी है. ये केंद्र शासित प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को इसका ऐलान किया.

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इन 2 इलाकों में कनेक्टिविटी

ये बाइपास 2-लेन वाला हाइवे होगा जिसमें पक्के शोल्डर (सड़क के किनारे का हिस्सा) होंगे. ये हाइवे फ्यांग गांव (HPCL प्लांट के पास) के नजदीक नेशनल हाइवे-1 को लेह-मनाली रूट पर उपशी में नेशनल हाइवे-3 से जोड़ेगा. पूरा होने पर, ये प्रोजेक्ट इस इलाके से गुजरने वाले वाहनों के लिए एक अल्टरनेट रूट देगा, जिससे लेह शहर की सड़कों पर प्रेशर कम होगा.

क्या होंगे फायदे?

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस बाइपास का मकसद लंबी दूरी और भारी ट्रैफिक को शहर के केंद्र से दूर ले जाना है, ताकि भीड़ कम हो और स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सके. ये प्रोजेक्ट NH-1 और NH-3 के बीच डायरेक्ट और बेहतर कनेक्शन भी बनाएगा, जिससे पूरे लद्दाख में ट्रैवल आसान होगा.

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इकॉनमिकल ग्रोथ की संभावना

ट्रैफिक आसान करने के अलावा, नए हाइवे से जाम और सफर में देरी कम करके सड़क सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है. सामान और लोगों की तेजी से आवाजाही से इलाके में पर्यटन, बिजनेस और दूसरी इकोनॉमिकल एक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. लद्दाख की रणनीतिक स्थिति और टूरिस्ट्स की बढ़ती तादाद को देखते हुए बेहतर रोड कनेक्टिविटी को बहुत जरूरी माना जाता है.

लद्दाख के एलजी का बयान

इस ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए, लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लद्दाख के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में लगातार सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि बाइपास से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी और साथ ही इलाके में आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के लिए सफर आसान हो जाएगा.

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‘रोजगार बढ़ेगा’

लद्दाख के एलजी ने ये भी बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में लद्दाख में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है. उनके मुताबिक, ऐसे प्रोजेक्ट्स से निवेश को बढ़ावा मिलने, रोजगार के मौके पैदा होने और पर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है.

लॉन्ट टर्म बेनेफिट

इस साल की शुरुआत में, गडकरी ने लद्दाख में तकरीबन 804 किलोमीटर के नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की थी. समीक्षा के दौरान, उन्होंने अधिकारियों को प्रोजेक्ट की निगरानी बेहतर करने, निर्माण के आधुनिक तरीकों को अपनाने और मजबूत सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि इलाके को लंबे समय तक लाभ मिल सके.

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निष्कर्ष

लेह बाइपास को मंजूरी मिलना लद्दाख के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा इंवेस्टमेंट है. NH-1 और NH-3 के बीच एक तेज अल्टरनेट रूट बनाकर, इस प्रोजेक्ट से भीड़ कम होने, ट्रैवल की क्षमता बेहतर होने और सड़क सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है. बेहतर कनेक्टिविटी से केंद्र शासित प्रदेश में टूरिज्म, लोकल बिजनसेज और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. पूरा होने के बाद, ये बाइपास एक अहम ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बन सकता है, जिससे आने वाले कई सालों तक निवासियों, पर्यटकों और कमर्शियल ट्रैफिक को फायदा होगा.

Frequently Asked Questions

इस प्रोजेक्ट को 990.51 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई है.
ये फ्यांग गांव के पास NH-1 को लेह-मनाली हाइवे पर उपशी में NH-3 से जोड़ेगा.
बाइपास को लेह शहर से गुजरने वाले ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि भीड़ कम हो और ट्रैफिक का फ्लो बेहतर हो.
इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक विकास में मदद मिलेगी और ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा.
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी की घोषणा की.
First published on: Jul 10, 2026 10:35 AM

End of Article
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