TMC में बगावत के बीच ममता ने चली नई 'चाल'! भंग की बंगाल की सभी कमेटियां; क्या दब पाएगा विद्रोह?

यह चौंकाने वाला फैसला तब लिया गया है, जब चुनाव में हार के बाद टीएमसी के कई बागी विधायकों ने एक सुर में आवाज उठाई और विधानसभा में अपने लिए एक ‘अलग विधायी दल’ के रूप में मान्यता मांग ली.

Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची भीषण बगावत को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सख्त कदम उठाया है. विधायकों के एक बहुत बड़े वर्ग द्वारा विद्रोह किए जाने के बाद, टीएमसी नेतृत्व ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में पार्टी की सभी संगठनात्मक समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है.

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‘X’ पर किया आधिकारिक ऐलान

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस फैसले की जानकारी देते हुए लिखा, ‘गंभीर विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां, साथ ही इसके सभी फ्रंटल संगठन तत्काल प्रभाव से भंग माने जाएंगे.’

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विधायकों की बगावत से संकट में TMC

यह चौंकाने वाला फैसला तब लिया गया है, जब चुनाव में हार के बाद टीएमसी के कई बागी विधायकों ने एक सुर में आवाज उठाई और विधानसभा में अपने लिए एक ‘अलग विधायी दल’ के रूप में मान्यता मांग ली. विधायकों के इस कदम से ममता सरकार और संगठन के सामने पार्टी के टूटने का सीधा खतरा मंडराने लगा.

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अब होगा ‘मंथन’

समितियों को भंग करने के साथ ही टीएमसी ने साफ कर दिया है कि वह अब हर स्तर पर कड़ा आत्मनिरीक्षण करने जा रही है। पार्टी के मुताबिक, बूथ से लेकर राज्य स्तर तक के सभी नेताओं के कामकाज और परफॉर्मेंस की नए सिरे से समीक्षा होगी. इस संगठनात्मक मूल्यांकन के जो भी निष्कर्ष निकलेंगे, उसके आधार पर मूल पार्टी और उसके सभी विंग्स (युवा, महिला, छात्र संगठन) का पुनर्गठन किया जाएगा. पार्टी ने कहा है कि वह नए उत्साह, नए उद्देश्यों के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रही है.

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क्या-क्या हुआ भंग

ममता बनर्जी की टीएमसी के 16 फ्रंटल संगठन हैं. ये संगठन युवा, महिला, छात्र, मजदूरों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे. टीएमसी की एक मुख्य कार्यकारी कमेटी, कोर कमेटी, स्टेट कमेटी, जिला और ब्लॉक कमेटी और अनुशासन कमेटी हैं. इन सभी को भंग कर दिया गया है. अब मंथन के बाद नए सिरे से इनका गठन किया जाएगा.

बता दें, टीएमसी के 58 बागी विधायकों ने स्पीकर को ‘New TMC’ के नाम से हस्ताक्षर पत्र सौंपा हैं. इन विधायकों में अरूप रॉय, रथिन घोष, संदीपन साहा, चंद्रनाथ सिन्हा, सबीना यास्मीन शामिल हैं. इन विधायकों की मांग है कि टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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