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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को बड़ा झटका, प्रदेश महासचिव शुभाशीष भट्टाचार्य गिरफ्तार

Subhasish Bhattacharya Arrest: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मोड़, प्रदेश कांग्रेस महासचिव शुभाशीष भट्टाचार्य को पुलिस ने किया गिरफ्तार. पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी (WBPCC) ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल. इससे पहले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें कुछ ही घंटों पहले ममता बनर्जी गुट ने समर्थन दिया था.

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Subhasish Bhattacharya Arrest: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के महासचिव शुभाशीष भट्टाचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि खुद पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने की है. नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले विपक्षी नेताओं पर हुए इस ताबड़तोड़ एक्शन से राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ममता बनर्जी गुट के समर्थन के कुछ ही घंटों के भीतर नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

दरअसल, ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान ने नंदीग्राम सीट से अपना नाम वापस ले लिया था और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया था. मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच तीखी झड़प हुई. आरोप है कि महासचिव शुभाशीष भट्टाचार्य ने पुलिसिया कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया.

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इस बीच राज्य में सियासी समीकरण भी तेजी से बदल चुके हैं. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी और बागी गुट को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला है और उनका चुनाव चिह्न ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ तय किया गया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले बागी खेमे को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम के साथ ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है.

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहा है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और जनता की अदालत में इसका जवाब देगी. एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला अब बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है.

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इधर, एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी से स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले हुए इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तकरार और तेज होने के आसार हैं.

First published on: Sep 18, 2026 08:45 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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