---विज्ञापन---

ममता बनर्जी को तगड़ा झटका, चुनाव चिन्ह और नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे TMC के दोनों गुट, EC ने लगाई रोक

TMC Symbol Freeze: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और आधिकारिक चुनाव चिन्ह पर अंतरिम रोक लगा दी है. ममता बनर्जी और अरूप रॉय दोनों गुटों को अब नए नाम और अलग सिंबल से लड़ना होगा उपचुनाव. आयोग ने दोनों पक्षों से 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक तीन-तीन विकल्पों की सूची तलब की.

---विज्ञापन---

TMC Symbol Freeze: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने एक बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी व डॉ. सुखबीर सिंह संधू की पीठ ने आदेश पारित करते हुए पार्टी के दोनों धड़ों पर मूल नाम और आधिकारिक चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है. आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट और अरूप रॉय के नेतृत्व वाला गुट, दोनों में से किसी को भी केवल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी.

साथ ही पार्टी के लिए आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘फूल और घास’ पर भी रोक लगा दी गई है. आयोग ने यह फैसला सिंबल ऑर्डर के पैरा 15 के तहत लंबित विवाद के अंतिम निपटारे तक और मौजूदा उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि दोनों पक्षों को समान अवसर मिल सके.

---विज्ञापन---

ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत, टिप्पणी के खिलाफ जनहित याचिका खारिज

नए नाम और फ्री सिंबल से लड़ना होगा चुनाव

आदेश के अनुसार, दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग-अलग नामों से पहचाना जाएगा. यदि वे चाहें, तो अपने नए नाम में मूल पार्टी ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का संदर्भ जोड़ सकते हैं. इसके अलावा, दोनों गुटों को चुनाव आयोग की फ्री सिंबल सूची में से अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.

---विज्ञापन---

18 सितंबर सुबह 11 बजे तक मांगे विकल्प

आयोग ने दोनों पक्षों को सख्त निर्देश दिया है कि वे 18 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे तक अपनी प्राथमिकता के आधार पर तीन-तीन नाम और तीन-तीन स्वतंत्र चुनाव चिन्हों के विकल्प आयोग के समक्ष पेश करें. निर्वाचन आयोग इन विकल्पों में से किसी एक नाम और चुनाव चिन्ह को दोनों गुटों के लिए मंजूरी प्रदान करेगा. आयोग के इस कड़े कदम के बाद दोनों ही खेमों में अपनी-अपनी रणनीति और नए विकल्पों को लेकर हलचल तेज हो गई है.

ममता के 17 बागी सांसदों को लेने से BJP ने क्यों किया इनकार, क्या बोले शमिक भट्टाचार्य?

---विज्ञापन---

First published on: Sep 17, 2026 10:19 PM

End of Article

About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola