नाम-चुनावी सिंबल मामला: ममता बनर्जी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, ECI के फैसले को दी चुनौती

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर राज्य की राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है. एक तरफ सुवेंदु अधिकारी जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं, उधर ममता बनर्जी की पार्टी में टीएमसी के नाम और सिंबल को लेकर लड़ाई चल रही है.

Mamata Banerjee PTI

ममता बनर्जी (Photo-PTI)

Mamata Banerjee Moves To Supreme Court For Party Name and Symbol:पश्चिम बंगाल की पूर्वी सीएम ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने पार्टी के अंदर चल रहे झगड़े के बीच चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘फूल और घास’ को फ्रीज कर दिया गया था.

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झगड़ा क्यों शुरू हुआ?

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को एक अंतरिम आदेश जारी किया, जब तृणमूल कांग्रेस की पहचान पर 2 विरोधी गुटों ने दावा किया. एक गुट को ममता बनर्जी लीड कर रही हैं, जबकि दूसरे गुट का प्रतिनिधित्व रितब्रता बनर्जी और अरूप रॉय जैसे नेता कर रहे हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968’ के पैरा 15 के तहत डिटेल्ड फैसला लेने में वक्त लगेगा.

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नया नाम-नया सिंबल मिला

अंतरिम उपाय के तौर पर इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया ने दोनों पक्षों को आने वाले उपचुनावों में पार्टी के असली नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया. दोनों गुटों से वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा गया. 18 सितंबर को ECI ने ममता के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न दिया. विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया.

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ममता गुट की उम्मीदवार ने नाम वापस लिया

एक विवाद नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से जुड़ी घटनाओं के साथ भी हुआ है, जो 6 अक्टूबर 2026 को होने वाला है. ममता के गुट ने अपनी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे का नाम वापस ले लिया, जब वो पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी से मिलीं. नाम वापस लेने का फैसला चुनाव आयोग की तरफ से ममता के गुट को नई पहचान देने के कुछ घंटों बाद लिया गया.

कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी

इसके बाद ममता के गुट ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया. हालांकि सपोर्ट देने के कुछ ही घंटे बाद मिलन प्रधान को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में नया उबाल आ गया है.

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6 अक्टूबर को होना है मतदान

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है, लेकिन राजनीतिक उथापटक ने इलेक्शन को काफी दिलचस्प बना दिया है. 18 सितंबर की सुबह को ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ममता का समर्थन किया था.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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