पुरुलिया, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पुरुलिया जिले के मानबाजार में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए. अपने भाषण में उन्होंने दावा किया कि बीजेपी उनकी हत्या की साजिश रच रही है.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी के नेता उनके स्वास्थ्य और चोट को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वह “मौत के मुंह से लड़कर वापस आई हैं.” उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो वे डॉक्टर की रिपोर्ट देख सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उन्हें साजिश के तहत चोट पहुंचाने की कोशिश की गई थी, बावजूद इसके वह व्हीलचेयर पर बैठकर भी चुनाव प्रचार करती रहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी नेताओं के बयानों से साजिश की बू आती है. उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या दंगों की तरह कोई नई साजिश रची जा रही है?” उन्होंने बीजेपी पर देश को नुकसान पहुंचाने, महंगाई बढ़ाने और चुनाव के समय झूठे वादे करने का भी आरोप लगाया.
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि करीब 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि वह इन लोगों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगी और जरूरत पड़ने पर मुफ्त कानूनी सहायता भी दिलाने की कोशिश करेंगी.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि “जो लोग दंगों के जरिए सत्ता में आए, वे आज लोकतंत्र की बात कर रहे हैं.” उन्होंने गुजरात दंगों और प्रवासी भारतीयों के मुद्दे को भी उठाया.
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने वाम दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2011 में सत्ता में आने के बाद राज्य की जनसांख्यिकी बदलने के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने विपक्ष पर इतिहास और समाज के बारे में अज्ञानता फैलाने का आरोप लगाया.
सभा के अंत में उन्होंने बीजेपी को “दंगाकारी, संविधान विरोधी और लोकतंत्र के लिए खतरा” बताते हुए जनता से उन्हें वोट न देने की अपील की.










