---विज्ञापन---

‘बंगाल अब उद्योगों का कब्रिस्तान’, अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की ‘चार्जशीट’

अमित शाह ने कोलकाता में ममता सरकार के खिलाफ जारी की 'चार्जशीट'! घुसपैठ, सिंडिकेट राज और तुष्टिकरण पर बोला तीखा हमला. जानिए क्यों शाह ने कहा- 'यह चुनाव जान जाने के भय से मुक्ति का है' और क्या हैं बंगाल के चौंकाने वाले वोट शेयर आंकड़े?

---विज्ञापन---

गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है. बीजेपी ने राज्य सरकार के खिलाफ एक ‘चार्जशीट’ जारी करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल अब ‘सिंडिकेट राज’ और ‘औद्योगिक कब्रिस्तान’ बन चुका है. शाह ने दो टूक कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि जान जाने के भय से मुक्ति और शांति के भरोसे का चुनाव है.

देश की सुरक्षा और घुसपैठ पर बड़ा बयान

अमित शाह ने बंगाल चुनाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा, “पूरे देश की सुरक्षा पश्चिम बंगाल से जुड़ी है. असम में हमारी सरकार आने के बाद घुसपैठ का रास्ता बंद हो गया है, अब केवल बंगाल ही ऐसा राज्य बचा है जहाँ से घुसपैठिए देशभर में फैल रहे हैं.” उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि घुसपैठियों को केवल वोटर लिस्ट से ही नहीं, बल्कि देशभर से ढूंढ-ढूंढ कर निकालना बीजेपी सरकार का एजेंडा है.

---विज्ञापन---

तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की ‘गारंटी’

ममता सरकार पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि तुष्टिकरण इस सरकार का मिशन बन चुका है और ‘कट मनी’ का कलेक्शन इनकी आदत. उन्होंने कहा कि करप्ट राजनीतिक सिस्टम में ‘सिंडिकेट पर नो एक्शन’ ममता सरकार की गारंटी बन चुकी है. राज्य में महिलाओं के खिलाफ 34,738 मामले दर्ज हुए हैं और टीएमसी कार्यकर्ताओं को अपराध के लिए इनाम दिया जाता है. शाह ने साफ किया कि धर्म के आधार पर ओबीसी (OBC) का निर्धारण किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा.

आंकड़ों में बीजेपी का बढ़ता जनाधार

शाह ने आंकड़ों के जरिए बताया कि बंगाल की जनता अब बीजेपी के साथ है. 2014 में 17 प्रतिशत वोट शेयर था. 2019 में 41 प्रतिशत, 2021 के चुनाव में 38 प्रतिशत वोट मिला. 2024 में 39 प्रतिशत वोट शेयर मिला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज जनता कह रही है कि इस सरकार से तो कम्युनिस्ट ही अच्छे थे. कांग्रेस और कम्युनिस्ट अब शून्य पर सिमट चुके हैं. हमारे कार्यकर्ता जन जन तक पहुंचे हैं. इस बार बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएंगे.

---विज्ञापन---

भय बनाम भरोसा

गृह मंत्री ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIR में ज्यूडिशियल ऑफिसर इसलिए लगाना पड़ा क्योंकि डीएम (DM) भी डर की वजह से ईमानदारी से काम नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने आह्वान किया कि जनता को तय करना है कि वे ‘झूठ और डर’ को चुनेंगे या ‘भरोसे’ को. बंगाल के युवाओं का भविष्य अंधकार में है और बीजेपी का लक्ष्य इस डर को निकालकर भरोसे को प्रस्थापित करना है.

First published on: Mar 28, 2026 03:08 PM

End of Article

About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola