श्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लग सकता है। ममता के करीबी और पार्टी के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी भी पार्टी छोड़ सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो उनका इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है। दरअसल, कल्याणी बनर्जी ने अभिषेज बनर्जी पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया है। इसके चलते उन्होंने हाई कोर्ट में पार्टी के केस से खुद को अलग कर लिया है, वहीं ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया है।
सुनवाई से ठीक पहले केस से अलग हुए
बता दें कि आज हाई कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले कल्याण बनर्जी और उनके बेटे शीर्षन्या बनर्जी हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा वाले केस केसों से अलग हो गए। खुद को अलग करते हैं। उनके बेटे भी केस से अलग हो गए हैं। सेरामपुर से सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है कि या तो वह अभिषेक बनर्जी को चुन लें या उन्हें चुन लें। उन्होंने कहा कि TMC बर्बाद हो गई, लेकिन अभिषेक का घमंड नहीं टूटा है। अभिषेक की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कल्याण बनर्जी ने क्यों अपनाए बागी तेवर?
कल्याण बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट के जस्टिस कौशिक चंदा को रिक्वेस्ट करके केस को अर्जेंट बेस पर सुनने के लिए मनाया और आधी रात को फोन करके मुझे बताया जा रहा है कि केस अब अयान लड़ेंगे। यह बेहद अपमानजनक है। मुझे डस्टबिन की तरह इस्तेमाल किया गया है। अभिषेक बनर्जी की यह बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करुंगा। 45 साल से वकालत के पेशे में हूं, आज तक किसी ने ऐसे नहीं किया। अगर ममता को अभिषेक चाहिए तो उन्हें कल्याण बनर्जी को भूलना होगा।
अब तक 3 सांसदों का राज्यसभा से इस्तीफा
बता दें कि राज्यसभा से TMC के प्रकाश चिक बड़ाईक ने 11 जून को, सुष्मिता देव ने 10 जून को और सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून को इस्तीफा दे दिया था। अब राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसद बचे हैं। वहीं लोकसभा में 29 सांसदों में से भी बागी होकर सांसदों ने काकोली घोष के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया है। इसके अलावा करीब 58 विधायक बागी होकर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं। वहीं अब कल्याण बनर्जी के बागी होने से ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ममता की TMC के कांग्रेस में विलय की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी की कांग्रेस में TMC के विलय की तैयारी है। INDIA ब्लॉक की मीटिंग में इस पर चर्चा हुई है। वहीं कांग्रेस ने ममता बनर्जी को 2 ऑफर भी दिए हैं। अगर TMC का कांग्रेस में विलय होता है तो ममता बनर्जी को कांग्रेस में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। सियासी गलियारों में अटकलें हैं कि अगर विलय हुआ तो ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजकर विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है।
श्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लग सकता है। ममता के करीबी और पार्टी के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी भी पार्टी छोड़ सकते हैं और अगर ऐसा हुआ तो उनका इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है। दरअसल, कल्याणी बनर्जी ने अभिषेज बनर्जी पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया है। इसके चलते उन्होंने हाई कोर्ट में पार्टी के केस से खुद को अलग कर लिया है, वहीं ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया है।
सुनवाई से ठीक पहले केस से अलग हुए
बता दें कि आज हाई कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले कल्याण बनर्जी और उनके बेटे शीर्षन्या बनर्जी हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा वाले केस केसों से अलग हो गए। खुद को अलग करते हैं। उनके बेटे भी केस से अलग हो गए हैं। सेरामपुर से सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है कि या तो वह अभिषेक बनर्जी को चुन लें या उन्हें चुन लें। उन्होंने कहा कि TMC बर्बाद हो गई, लेकिन अभिषेक का घमंड नहीं टूटा है। अभिषेक की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कल्याण बनर्जी ने क्यों अपनाए बागी तेवर?
कल्याण बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट के जस्टिस कौशिक चंदा को रिक्वेस्ट करके केस को अर्जेंट बेस पर सुनने के लिए मनाया और आधी रात को फोन करके मुझे बताया जा रहा है कि केस अब अयान लड़ेंगे। यह बेहद अपमानजनक है। मुझे डस्टबिन की तरह इस्तेमाल किया गया है। अभिषेक बनर्जी की यह बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करुंगा। 45 साल से वकालत के पेशे में हूं, आज तक किसी ने ऐसे नहीं किया। अगर ममता को अभिषेक चाहिए तो उन्हें कल्याण बनर्जी को भूलना होगा।
अब तक 3 सांसदों का राज्यसभा से इस्तीफा
बता दें कि राज्यसभा से TMC के प्रकाश चिक बड़ाईक ने 11 जून को, सुष्मिता देव ने 10 जून को और सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून को इस्तीफा दे दिया था। अब राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसद बचे हैं। वहीं लोकसभा में 29 सांसदों में से भी बागी होकर सांसदों ने काकोली घोष के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया है। इसके अलावा करीब 58 विधायक बागी होकर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं। वहीं अब कल्याण बनर्जी के बागी होने से ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ममता की TMC के कांग्रेस में विलय की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी की कांग्रेस में TMC के विलय की तैयारी है। INDIA ब्लॉक की मीटिंग में इस पर चर्चा हुई है। वहीं कांग्रेस ने ममता बनर्जी को 2 ऑफर भी दिए हैं। अगर TMC का कांग्रेस में विलय होता है तो ममता बनर्जी को कांग्रेस में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया जा सकता है। ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। सियासी गलियारों में अटकलें हैं कि अगर विलय हुआ तो ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजकर विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है।