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पश्चिम बंगाल

बंगाल में BJP विधायक और बेटे पर हमला, बचाने में CISF जवान को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती

26 अप्रैल की आधी रात को दर्जनों की संख्या में उपद्रवियों की तरफ से भाजपा के वर्तमान में नोआपाड़ा के विधायक अर्जुन सिंह और इनके बेटे पर हमला किया गया.

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Written By: Pawan Mishra Updated: Apr 28, 2026 20:16

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होने वाला है, जिसे देखते हुए पहले चरण से भी ज्यादा सुरक्षा के इंतजाम किए गए है. राज्य में चुनावी माहौल बेहद ही संवेदनशील बना हुआ है. सीआईएसएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 अप्रैल की आधी रात को दर्जनों की संख्या में उपद्रवियों की तरफ से भाजपा के वर्तमान में नोआपाड़ा के विधायक अर्जुन सिंह और इनके बेटे पर हमला किया गया.

हमला उस वक्त किया गया, जब ये चुनाव प्रचार करके अपने घर वापस जा रहे थे, हमला करने वालों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ था कि जगदल थाना के महज चंद कदम की दूरी पर ही इस घटना को अंजाम दिया. इस दौरान विधायक अर्जुन सिंह की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने विधायक और उनके बेटे को कवर देना शुरू कर दिया. बता दें, विधायक अर्जुन सिंह को Y श्रेणी की सुरक्षा गृह मंत्रालय के तरफ से दी गई है.

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हमले से बचाकर विधायक को उनके आवास तक पहुंचा दिया. लेकिन इनके आवास पर भी भीड़ ने हमला कर दिया. असामाजिक तत्वों के एक ग्रुप की तरफ से भारी पथराव किया गया, देशी बम फेंके गए और फायरिंग की गई.

इस गंभीर परिस्थिति में पोस्ट इंचार्ज राकेश कुमार अपनी टीम के साथ विधायक अर्जुन सिंह और पवन सिंह की सुरक्षा में मौजूद थे. इन्होंने अपने साहस का परिचय देकर वीआईपी की सुरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई. इस दौरान कांस्टेबल योगेश पैर में गोली लगने से घायल हो गए.

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बुरी तरह से घायल कांस्टेबल योगेश को कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं. फिलहाल उनकी स्थिति बताई जा रही है.

विधायक ने CISF कर्मियों की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए बल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है. वहीं, सीआईएसफ के डीजी प्रवीर रंजन ने अस्पताल जाकर घायल कॉन्स्टेबल योगेश का मनोबल बढ़ाया है.

क्या होती है Y श्रेणी की सिक्योरिटी?

  • Y श्रेणी की सुरक्षा देश में उन लोगों को दी जाती है, जिनके ऊपर 24 घंटे खतरा रहता है. गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा प्रदान की जाती है.
  • Y श्रेणी की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी (1-2 कमांडो/पीएसओ और 9-10 सशस्त्र पुलिसकर्मी) होते हैं, जो 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करते हैं. यह सुरक्षा तीन शिफ्ट में होती है.
  • इसमें आमतौर पर 1 या 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर शिफ्ट में होते हैं. यह सुरक्षा घर पर और बाहर यात्रा के दौरान दोनों समय दी जाती है.
  • वर्तमान में CISF 198 वीआईपी व्यक्तियों को सुरक्षा दे रही है. वीआईपी सुरक्षा में तैनात कर्मियों को कठोर चयन प्रक्रिया और विशेष प्रशिक्षण से गुजरना होता है.

First published on: Apr 28, 2026 08:11 PM

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