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पश्चिम बंगाल

आसनसोल में रेखा गुप्ता का बड़ा दावा: कोयलांचल में खिलेगा कमल, सियासत गरमाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आसनसोल दौरे के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि कोयलांचल क्षेत्र में भाजपा का कमल खिलेगा. उनके बयान से बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पढ़िए पश्चिम बंगाल से अमर देव पासवान की रिपोर्ट.

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Edited By : Bhawna Dubey Updated: Apr 11, 2026 15:18

आसनसोल, पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी हलचल तेज होती जा रही है और इसी कड़ी में नेताओं के दौरे और बयानबाज़ी ने माहौल को और गरमा दिया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का हालिया आसनसोल दौरा भी इसी राजनीतिक उबाल का हिस्सा बन गया है. दो दिवसीय दौरे पर कोयलांचल क्षेत्र पहुंची रेखा गुप्ता ने ऐसा बयान दिया है, जिसने न केवल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर कर रख दिया है.

आसनसोल की धरती पर कदम रखते ही रेखा गुप्ता ने दावा किया— “अब कोयले की खदानों में कमल खिलेगा.” उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि भारतीय जनता पार्टी इस औद्योगिक और खनन क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. आसनसोल और दुर्गापुर क्षेत्र, जिसे कोयलांचल के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र रहा है और यहां की राजनीतिक दिशा पूरे राज्य की राजनीति पर प्रभाव डालती रही है.

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कोयलांचल की राजनीति में बढ़ती सक्रियता

आसनसोल-दुर्गापुर बेल्ट सिर्फ आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र चुनावी समीकरणों में भी अहम भूमिका निभाता है. कोयला खदानों, इस्पात उद्योग और श्रमिक आबादी के कारण यह इलाका हमेशा से राजनीतिक दलों के लिए फोकस में रहा है. ऐसे में रेखा गुप्ता का यह दौरा और उनका बयान भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी इस क्षेत्र में अपने आधार को मजबूत करना चाहती है.
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और यह बदलाव भाजपा के नेतृत्व में ही संभव है. उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता का विश्वास अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर है और आने वाले समय में बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है.

ममता सरकार पर तीखा हमला

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में भ्रष्टाचार, अत्याचार और भय का माहौल बना है. उनके अनुसार, राज्य की महिलाओं, युवाओं और किसानों ने सरकार की “निर्ममता” को महसूस किया है.

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रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं. किसानों की स्थिति पर भी उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें उनका उचित हक नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, “यह सरकार सिर्फ वादे करती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास नहीं हुआ.”

भाजपा के “विकास और विश्वास” का नारा

रेखा गुप्ता ने भाजपा की ओर से “विकास और विश्वास” की राजनीति को आगे बढ़ाने की बात कही. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य के हर वर्ग—महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों—को प्राथमिकता दी जाएगी. शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने का वादा भी उन्होंने किया.

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राज्य में वास्तविक विकास लाना है. “हम ऐसी सरकार देना चाहते हैं जो लोगों के जीवन में बदलाव लाए, न कि सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित रहे,” उन्होंने कहा.

“परिवर्तन की हवा” का दावा

रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में बार-बार “परिवर्तन” का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बंगाल में बदलाव की हवा चल रही है और लोग अब नई सरकार चाहते हैं. उनका दावा था कि राज्य के कोने-कोने में भाजपा के समर्थन में माहौल बन रहा है और जनता मौजूदा सरकार से निराश हो चुकी है.
उन्होंने कहा, “इस बार बंगाल की जनता ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है. यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य का फैसला है.”

राजनीतिक मायने और विपक्ष की चुनौती

रेखा गुप्ता का यह बयान विपक्षी दलों के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. खासकर तृणमूल कांग्रेस के लिए यह संकेत है कि भाजपा अब कोयलांचल जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आक्रामक तरीके से चुनावी मैदान में उतरने वाली है.
माना जा रहा है कि भाजपा अपने राष्ट्रीय नेतृत्व और विकास के एजेंडे को सामने रखकर बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

आगे की राह

आसनसोल दौरे के दौरान रेखा गुप्ता ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएं.

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अब देखने वाली बात यह होगी कि रेखा गुप्ता के इस बयान का बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है. क्या वाकई कोयलांचल में “कमल” खिल पाएगा, या तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखेगी—यह आने वाले चुनाव ही तय करेंगे.

फिलहाल इतना तय है कि बंगाल की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज हो चुका है और हर दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुका है. आने वाले दिनों में ऐसे और भी बयान और दौरे देखने को मिल सकते हैं, जो चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना देंगे.

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First published on: Apr 11, 2026 03:18 PM

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