पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को बांकुरा के रायपुर में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार ठाकुरमनी सोरेन समेत 6 प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 'मां, माटी, मानुष' सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता 'द्वारे डॉक्टर' योजना होगी, ठीक 'द्वारे सरकार' की तरह.
उन्होंने कहा कि 2011 से पहले रायपुर, सारेंगा, सिमलापाल, बरिकुल, बांदवान, पश्चिम मेदिनीपुर और गड़बेता जैसे इलाके हिंसा से प्रभावित थे. बिना नाम लिए माओवादियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई और अब जंगलमहल के लोग डर के बिना शांति से जीवन जी रहे हैं.
ममता बनर्जी ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं को 8 हजार रुपये दिए गए, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वह पैसा वापस ले लिया गया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसा नहीं करती, बल्कि 'लक्ष्मी भंडार', 'युवसाथी', आवास और अन्य योजनाओं के जरिए लोगों को स्थायी सहायता दी जा रही है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे.
यह भी पढ़ें: बंगाल के लिए कांग्रेस ने जारी की पहली कैंडिडेट लिस्ट, 284 उम्मीदवारों को मिला टिकट
आधार और नागरिकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों की पहचान पर सवाल खड़ा कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक उनके शरीर में खून की एक बूंद भी है, तब तक वह पश्चिम बंगाल के लोगों के वोट के अधिकार की रक्षा करेंगी और किसी को भी डिटेंशन कैंप में नहीं जाना पड़ेगा.
बांकुरा की पारंपरिक कला का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डोकरा शिल्प और बालुचरी साड़ी राज्य की पहचान हैं और इन्हें सम्मान के रूप में भेंट किया जाता है. अंत में उन्होंने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारीयों का ट्रांसफर कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने महिलाओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वे ईवीएम की निगरानी करें और किसी भी तरह के लालच में न आएं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को बांकुरा के रायपुर में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार ठाकुरमनी सोरेन समेत 6 प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने ‘मां, माटी, मानुष’ सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता ‘द्वारे डॉक्टर’ योजना होगी, ठीक ‘द्वारे सरकार’ की तरह.
उन्होंने कहा कि 2011 से पहले रायपुर, सारेंगा, सिमलापाल, बरिकुल, बांदवान, पश्चिम मेदिनीपुर और गड़बेता जैसे इलाके हिंसा से प्रभावित थे. बिना नाम लिए माओवादियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई और अब जंगलमहल के लोग डर के बिना शांति से जीवन जी रहे हैं.
ममता बनर्जी ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं को 8 हजार रुपये दिए गए, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वह पैसा वापस ले लिया गया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसा नहीं करती, बल्कि ‘लक्ष्मी भंडार’, ‘युवसाथी’, आवास और अन्य योजनाओं के जरिए लोगों को स्थायी सहायता दी जा रही है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे.
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आधार और नागरिकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों की पहचान पर सवाल खड़ा कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक उनके शरीर में खून की एक बूंद भी है, तब तक वह पश्चिम बंगाल के लोगों के वोट के अधिकार की रक्षा करेंगी और किसी को भी डिटेंशन कैंप में नहीं जाना पड़ेगा.
बांकुरा की पारंपरिक कला का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डोकरा शिल्प और बालुचरी साड़ी राज्य की पहचान हैं और इन्हें सम्मान के रूप में भेंट किया जाता है. अंत में उन्होंने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारीयों का ट्रांसफर कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने महिलाओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वे ईवीएम की निगरानी करें और किसी भी तरह के लालच में न आएं.