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ज्ञानवापी विवाद पर होगा समझौता? हिंदू-मुस्लिम पक्षों की बैठक आज, SC के प्रस्ताव पर जता चुके हैं असहमति

वाराणसी की जिला एवं सत्र अदालत में ज्ञानवापी से जुड़ी करीब 36 फाइलें पहले से ही विचाराधीन हैं, जबकि इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं लंबित हैं.

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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर अभी बवाल खत्म नहीं हुआ है कि इस बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी परिसर विवाद को लेकर मामला एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है. ज्ञानवापी परिसर में हिंदुओं को देवी-देवताओं की पूजा की इजाजत दी जाए या नहीं. इस सवाल के जवाब और फैसले के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर किसी भी तरह का फैसला सुनाने की बजाय हिंदू और मुस्लिम पक्षों के सामने समझौता कराने का प्रस्ताव रख दिया. हालांकि दोनों पक्षों के इस प्रस्ताव पर असहमति के बावजूद आज यानी 14 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था मध्यस्थता का प्रस्ताव


आपको बता दें कि बीते सोमवार सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवाद को विशेष लोक अदालत और मध्यस्थता के जरिए निपटाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित पक्षकारों को कचहरी परिसर स्थित मध्यस्थता केंद्र में तलब किया है. यहां चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई होगी, जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव और सिविल जज राजीव मुकुल पांडेय करेंगे. बैठक से पहले ही दोनों पक्षों ने अपना रुख साफ कर दिया है. मंदिर पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका पक्ष मध्यस्थता के इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है.

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हिंदू और मुस्लिम पक्ष का क्या है तर्क?


विष्णु शंकर जैन का तर्क है कि इस विवाद की प्रकृति ऐसी है कि यह लोक अदालत के दायरे में आता ही नहीं. दूसरी ओर, अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने भी इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुप्रीम कोर्ट को इसे देश में लंबित लाखों अन्य मुकदमों से अलग नजरिए से देखना चाहिए. गौरतलब है कि वाराणसी की जिला एवं सत्र अदालत में ज्ञानवापी से जुड़ी करीब 36 फाइलें पहले से ही विचाराधीन हैं, जबकि इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं लंबित हैं.

First published on: Jul 14, 2026 08:08 AM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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