Uttarakhand Uniform Civil Code: उत्तराखंड विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2024 (UCC) को पेश कर दिया गया है। अब राष्ट्रपति के अप्रूवल के बाद इस बिल को लागू करने वाला उत्तराखंड संभवत: पहला राज्य बन जाएगा। इस बिल में लिव-इन रिलेशनशिप, बहुविवाह, शादी, पैतृक संपत्ति, तलाक, समेत राज्य में बच्चे को गोद लेने आदि से संबंधित कई मुद्दों को लेकर नियमों को बनाया गया है, जो सभी धर्मों पर एक सामान लागू होंगे।
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बच्चा वैध, अलग होने पर महिला कर सकती है गुजारे भत्ते की मांग
यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2024 में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल के लिए कई नियम तय किए गए हैं। मसलन अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान होने वाला बच्चा वैध माना जाएगा। वहीं, अगर कपल रिलेशनशिप से अलग होता है तो इस सूरत में महिला किसी शादीशुदा युवती की तरह कोर्ट में जाने और पुरूष से गुजारा भत्ता देने की मांग कर सकती है।
अन्य राज्यों से आए लोगों पर भी नियम लागू
यूसीसी के मुताबिक अगर आप किसी अन्य राज्य के रहने वाले हैं या उत्तराखंड के मूल निवासी हैं, आपको लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए UCC के इन नए नियमों का पालन करना ही होगा। नियमों के अनुसार रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को अपने संबंधों के बारे में जिले रजिस्ट्रार ऑफिस में सूचना देनी होगी और इसका रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
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21 साल से कम में मम्मी-पापा की रजामंदी जरूरी
यूसीसी के अनुसार अगर आप लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं और आपकी उम्र 21 साल से कम है तो पहले आपको इसके लिए पहले अपने माता-पिता की अनुमति चाहिए। फिर लिखित अनुमति को जिला प्रशासन कार्यालय में दिखाना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप का रिलेशनशिप मान्य करार दिया जाएगा।
बिना सूचना दिए रहे तो 3 माह की जेल
यूसीसी के अनुसार अगर आप बिना सूचना दिए एक माह से ज्यादा
उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप में रहेंगे तो आपको 3 माह की जेल और 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इतना ही नहीं अपने नाम, पता और रजिस्ट्रेशन के बारे में गलत जानकारी दी और जांच में पकड़े गए तो उसके लिए अलग से 3 माह की जेल और 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यूसीसी लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में यह बदलाव
- ऐसे युवक-युवती के रिलेशनशिप को मान्यता नहीं दी जाएगी जिनके बीच पारिवारिक संबंध या खून का रिश्ता है।
- लड़का या लड़की कोई एक भी नाबालिग नहीं होना चाहिए।
- अगर दोनों में से कोई एक पहले से शादीशुदा है मंजूरी नहीं।
- उत्तराखंड के मूल निवासी होते हुए दूसरे राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं तो इसकी सूचना देनी अनिवार्य।
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए दोनों पार्टनर की सहमति जरूरी।
- अगर कोई डरा धमकाकर रखता है तो उस रिश्ते को अवैध माना जाएगा
Uttarakhand Uniform Civil Code: उत्तराखंड विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2024 (UCC) को पेश कर दिया गया है। अब राष्ट्रपति के अप्रूवल के बाद इस बिल को लागू करने वाला उत्तराखंड संभवत: पहला राज्य बन जाएगा। इस बिल में लिव-इन रिलेशनशिप, बहुविवाह, शादी, पैतृक संपत्ति, तलाक, समेत राज्य में बच्चे को गोद लेने आदि से संबंधित कई मुद्दों को लेकर नियमों को बनाया गया है, जो सभी धर्मों पर एक सामान लागू होंगे।
बच्चा वैध, अलग होने पर महिला कर सकती है गुजारे भत्ते की मांग
यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2024 में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल के लिए कई नियम तय किए गए हैं। मसलन अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान होने वाला बच्चा वैध माना जाएगा। वहीं, अगर कपल रिलेशनशिप से अलग होता है तो इस सूरत में महिला किसी शादीशुदा युवती की तरह कोर्ट में जाने और पुरूष से गुजारा भत्ता देने की मांग कर सकती है।

अन्य राज्यों से आए लोगों पर भी नियम लागू
यूसीसी के मुताबिक अगर आप किसी अन्य राज्य के रहने वाले हैं या उत्तराखंड के मूल निवासी हैं, आपको लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए UCC के इन नए नियमों का पालन करना ही होगा। नियमों के अनुसार रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को अपने संबंधों के बारे में जिले रजिस्ट्रार ऑफिस में सूचना देनी होगी और इसका रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
21 साल से कम में मम्मी-पापा की रजामंदी जरूरी
यूसीसी के अनुसार अगर आप लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं और आपकी उम्र 21 साल से कम है तो पहले आपको इसके लिए पहले अपने माता-पिता की अनुमति चाहिए। फिर लिखित अनुमति को जिला प्रशासन कार्यालय में दिखाना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप का रिलेशनशिप मान्य करार दिया जाएगा।

बिना सूचना दिए रहे तो 3 माह की जेल
यूसीसी के अनुसार अगर आप बिना सूचना दिए एक माह से ज्यादा उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप में रहेंगे तो आपको 3 माह की जेल और 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इतना ही नहीं अपने नाम, पता और रजिस्ट्रेशन के बारे में गलत जानकारी दी और जांच में पकड़े गए तो उसके लिए अलग से 3 माह की जेल और 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यूसीसी लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में यह बदलाव
- ऐसे युवक-युवती के रिलेशनशिप को मान्यता नहीं दी जाएगी जिनके बीच पारिवारिक संबंध या खून का रिश्ता है।
- लड़का या लड़की कोई एक भी नाबालिग नहीं होना चाहिए।
- अगर दोनों में से कोई एक पहले से शादीशुदा है मंजूरी नहीं।
- उत्तराखंड के मूल निवासी होते हुए दूसरे राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं तो इसकी सूचना देनी अनिवार्य।
- लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए दोनों पार्टनर की सहमति जरूरी।
- अगर कोई डरा धमकाकर रखता है तो उस रिश्ते को अवैध माना जाएगा