Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

गड्ढे में उछली एंबुलेंस और लौट आईं ब्रेन डेड विनीता की सांसें, पीलीभीत में दिखा ‘चमत्कार’

दिमाग काम करना बंद कर दे, डाक्टर ब्रेन डेड घोषित कर चुके हों और परिवार वालों ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हों और ऐसे में सड़क के गड्ढे से सांसें लौट आएं तो इसे चमत्कार ही कहेंगे. कुछ ऐसा ही चमत्कार हुआ उत्तरप्रदेश के पीलीभीत में, पढ़ें पूरी खबर

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Mar 11, 2026 15:55
pilibhit news
photo credit: Gemini AI

क्या सड़क के गड्ढे भी किसी की जान बचा सकते हैं? सुनने में नामुमकिन नहीं, लेकिन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक ऐसा चमत्कार हुआ है जिसने विज्ञान और किस्मत के बीच की बहस को फिर से छेड़ दिया है. डॉक्टरों द्वारा ‘ब्रेन डेड’ घोषित की जा चुकी एक महिला केवल इसलिए जीवित हो उठी क्योंकि उसे ले जा रही एंबुलेंस सड़क पर एक गहरे गड्ढे से टकरा गई थी. डॉक्टरों ने बताया कि एंबुलेंस के झटके ने विनीता के शरीर में ‘कार्डिएक शॉक’ जैसा काम किया होगा, जिससे उनकी सांसें लौट आईं. उचित इलाज के बाद विनीता अब स्वस्थ हैं और अपने घर लौट चुकी हैं. विनीता के पति इसे ‘मौत पर जीत’ और भगवान का चमत्कार मान रहे हैं.

अंतिम संस्कार की तैयारियां

पीलीभीत की न्यायिक अदालत में कार्यरत विनीता शुक्ला बीते 22 फरवरी को घर का काम करते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी थीं. उन्हें तुरंत बरेली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि विनीता ‘ब्रेन डेड’ की स्थिति में हैं. दो दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद, जब डॉक्टरों ने बचने की कोई उम्मीद नहीं जताई, तो भारी मन से परिवार उन्हें 24 फरवरी को घर वापस ले जाने लगा. विनीता के पति कुलदीप कुमार शुक्ला ने बताया, “वह सांस नहीं ले रही थीं, दिल की धड़कन भी लगभग डूब चुकी थी. हमने घर पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी थीं और रिश्तेदार भी जुटने लगे थे.”

---विज्ञापन---

गड्ढे में उछली एंबूलेंस और लौट आईं सांसें

जब एंबुलेंस बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हाफिजगंज के पास पहुंची, तो वहां सड़क पर एक बड़ा गड्ढा था. एंबुलेंस की रफ्तार तेज थी और जैसे ही पहिया उस गड्ढे में गिरा, वाहन को एक जोरदार झटका लगा. इसी झटके के साथ विनीता के शरीर में हलचल हुई. कुलदीप ने बताया कि जोरदार झटके के बाद उनकी डूबती हुई धड़कनें अचानक तेज हो गईं और उन्होंने सामान्य रूप से सांस लेना शुरू कर दिया. परिवार ने तुरंत अंतिम संस्कार की योजना रद्द की और उन्हें पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल में भर्ती कराया.

---विज्ञापन---
First published on: Mar 11, 2026 03:54 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.