UP School Heat Action Plan: यूपी के स्कूलों में लागू होगा ‘हीट एक्शन प्लान’, लू से बचाने के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
यूपी की योगी सरकार ने स्कूलों के लिए सख्त 'हीट एक्शन प्लान' लागू किया है. सुबह 10 बजे के बाद आउटडोर गतिविधियों पर रोक रहेगी और हर स्कूल में 'हेल्थ नोडल टीचर' की तैनाती के साथ ओआरएस (ORS) रखना अनिवार्य कर दिया गया है.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 29, 2026 16:46
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 29, 2026 16:46
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यूपी में गर्मी से बचने के लिए स्कूलों के लिए सरकारी गाइडलाइन. (Image: AI/Pexels)
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खबर की मुख्य बातें
यूपी के सभी स्कूलों में 'हीट एक्शन प्लान' लागू किया जाएगा, ताकि छात्रों को लू और भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके.
हर स्कूल में हेल्थ नोडल टीचर की नियुक्ति होगी और ORS, फर्स्ट एड किट, डिजिटल थर्मामीटर व 108 एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा.
सुबह 10 बजे के बाद आउटडोर गतिविधियों पर रोक रहेगी. ऑरेंज और रेड हीटवेव अलर्ट के दौरान खेलकूद व अन्य बाहरी कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे.
प्रार्थना सभा और कक्षाओं में बच्चों को जागरूक किया जाएगा, साथ ही स्कूल परिसर में 'क्या करें और क्या न करें' के पोस्टर लगाए जाएंगे.
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती लू की स्थिति को देखते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए एक विशेष 'स्कूल हीट एक्शन प्लान' लागू करने की विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है. इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य सभी शिक्षकों को हीटवेव से बचाव के तौर-तरीकों, हीट स्ट्रोक (लू लगना) के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और आपातकालीन स्थिति में तुरंत फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) देने के लिए पूरी तरह से तैयार करना है. प्रशासन ने साफ किया है कि चिलचिलाती धूप और मौसम के इस कड़े मिजाज का बुरा असर बच्चों की पढ़ाई और उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए.
स्कूलों की दीवारों पर लगेंगे 'क्या करें और क्या न करें' के पोस्टर
इस सरकारी योजना के तहत अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने की बड़ी जिम्मेदारी स्कूल के गुरुजनों को सौंपी गई है. स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (प्रेयर मीट), क्लासरूम और अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों (को-करिकुलर एक्टिविटीज) के माध्यम से बच्चों को नियमित अंतराल पर पर्याप्त पानी पीने, सीधी धूप में न जाने और सूती कपड़े पहनने के फायदे समझाए जाएंगे. इसके साथ ही, स्कूल परिसर के मुख्य स्थानों पर 'क्या करें और क्या न करें' से जुड़े आकर्षक और आसान भाषा वाले पोस्टर लगाए जाएंगे. बच्चों को यह भी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी कि अगर उनके किसी सहपाठी या दोस्त की तबीयत अचानक खराब होती है, तो वे बिना डरे तुरंत अपनी क्लास टीचर को इसकी जानकारी दें.
तैनात होंगे 'हेल्थ नोडल टीचर'
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई गाइडलाइन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में अब अनिवार्य रूप से एक 'हेल्थ नोडल टीचर' (स्वास्थ्य प्रभारी शिक्षक) की नियुक्ति की जाएगी, जो रोजाना बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी स्कूलों के प्रमुख हिस्सों में जरूरी हेल्पलाइन नंबर और मौसम के अलर्ट डिस्प्ले करना आवश्यक कर दिया गया है. इसके अलावा, हर स्कूल के पास अपनी फर्स्ट एड किट में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS) के पैकेट, ग्लूकोज, डिजिटल थर्मामीटर और जीवन रक्षक दवाएं रखनी होंगी. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत बिना समय गंवाए आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क साधने की मुकम्मल व्यवस्था ऑन-ड्यूटी स्टाफ के पास होनी चाहिए.
सुबह 10 बजे के बाद खेलकूद पर रोक
बदलते मौसम को देखते हुए सरकार ने बच्चों के खेलने-कूदने और शारीरिक गतिविधियों के समय में भी बड़ा बदलाव किया है. अब स्कूलों में खेलकूद, पीटी और किसी भी तरह की बाहरी (आउटडोर) एक्टिविटी सिर्फ सुबह 10:00 बजे से पहले ही आयोजित की जा सकेंगी. अगर मौसम विभाग (IMD) द्वारा किसी क्षेत्र के लिए 'ऑरेंज' या 'रेड' हीटवेव अलर्ट जारी किया जाता है, तो उस अवधि में सभी प्रकार के भारी शारीरिक कार्यक्रम और खुले मैदान की एक्टिविटीज पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. इसके साथ ही, स्कूल प्रबंधकों को अपनी कक्षाओं में ठंडे व स्वच्छ पेयजल, सीलिंग फैन (पंके), हवादार वेंटिलेशन, छायादार पेड़-पौधों और बच्चों के बैठने के लिए छांव वाली जगहों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
अस्वस्थ बच्चों को घर पर रखने की अपील
गाइडलाइन के आखिरी हिस्से में अभिभावकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए हैं. माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनाएं और साथ में टोपी या छाता जरूर दें. बच्चों के खानपान में तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को शामिल करें और उन्हें अत्यधिक मीठे या कैफीनयुक्त कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखें. अगर किसी बच्चे में तेज पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. सरकार ने अस्थमा, दिल की बीमारी या मोटापे से पीड़ित संवेदनशील बच्चों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं और कहा है कि बच्चा बीमार हो तो उसे स्कूल भेजने के बजाय घर पर ही आराम कराएं.
उत्तर भारत में लू का कहर जारी
IMD ने उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो-दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना जताई है. वहीं, 29 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 29 और 30 जून को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी के बीच लू (Heatwave) चल सकती है. इसलिए बेहतर रहेगा कि अगर आप बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं, तो तमाम गाइडलाइंस का पालान करें और उनकी सेहत के लिए खानपान और कपड़ों का विशेष ध्यान रखें.
यूपी स्कूल हीट एक्शन प्लान 2026: आसान भाषा में पूरी गाइडलाइन
विषय
सरकार की नई गाइडलाइन (आसान भाषा में)
हीट एक्शन प्लान क्यों लागू हुआ?
बच्चों को लू, हीट स्ट्रोक और तेज गर्मी से सुरक्षित रखने के लिए.
शिक्षकों की जिम्मेदारी
बच्चों को गर्मी से बचने के तरीके बताना, हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानना और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार देना.
स्कूल में जागरूकता
प्रार्थना सभा, क्लासरूम और अन्य गतिविधियों में बच्चों को गर्मी से बचाव की जानकारी दी जाएगी.
पोस्टर लगाए जाएंगे
स्कूल की दीवारों पर "क्या करें" और "क्या न करें" वाले पोस्टर लगाए जाएंगे.
बच्चों को क्या सिखाया जाएगा?
पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना, सूती कपड़े पहनना और साथी की तबीयत खराब होने पर तुरंत शिक्षक को सूचना देना.
हेल्थ नोडल टीचर
हर स्कूल में एक स्वास्थ्य प्रभारी शिक्षक नियुक्त किया जाएगा.
स्कूल में जरूरी व्यवस्था
ORS, ग्लूकोज, फर्स्ट एड किट, डिजिटल थर्मामीटर और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी.
आपातकालीन व्यवस्था
108 एम्बुलेंस और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत संपर्क की सुविधा सुनिश्चित होगी.
खेलकूद का समय
सभी आउटडोर खेल और पीटी केवल सुबह 10 बजे से पहले कराई जाएगी.
ऑरेंज/रेड हीटवेव अलर्ट
सभी बाहरी खेल, पीटी और भारी शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.
स्कूल में सुविधाएं
ठंडा पेयजल, पंखे, अच्छी वेंटिलेशन, छायादार स्थान और पौधों की व्यवस्था अनिवार्य होगी.
अभिभावकों के लिए सलाह
बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं, टोपी या छाता दें और पानी की बोतल साथ भेजें.
क्या खिलाएं?
तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी जैसे पानी वाले मौसमी फल अधिक दें.
किन चीजों से बचें?
कोल्ड ड्रिंक, कैफीन और अधिक मीठे पेय पदार्थों से बचाएं.
अगर बच्चे की तबीयत बिगड़ जाए
तेज पसीना, चक्कर, कमजोरी, उल्टी या बेहोशी होने पर तुरंत छांव में ले जाएं, ORS दें और डॉक्टर या 108 पर संपर्क करें.
विशेष निगरानी
अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा या अन्य गंभीर बीमारी वाले बच्चों की विशेष देखभाल की जाएगी.
बीमार बच्चे के लिए सलाह
यदि बच्चा अस्वस्थ है तो उसे स्कूल न भेजें और घर पर आराम कराएं.
मौसम पर नजर
स्कूलों को IMD के हीटवेव अलर्ट पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्य निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश सरकार का 'हीट एक्शन प्लान' बच्चों को लू और भीषण गर्मी के खतरे से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इस योजना के तहत स्कूलों में स्वास्थ्य सुरक्षा, जागरूकता और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि बदलते मौसम के बीच भी छात्र सुरक्षित रहें, उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
यूपी के सभी स्कूलों में ‘हीट एक्शन प्लान’ लागू किया जाएगा, ताकि छात्रों को लू और भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके.
हर स्कूल में हेल्थ नोडल टीचर की नियुक्ति होगी और ORS, फर्स्ट एड किट, डिजिटल थर्मामीटर व 108 एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा.
सुबह 10 बजे के बाद आउटडोर गतिविधियों पर रोक रहेगी. ऑरेंज और रेड हीटवेव अलर्ट के दौरान खेलकूद व अन्य बाहरी कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे.
प्रार्थना सभा और कक्षाओं में बच्चों को जागरूक किया जाएगा, साथ ही स्कूल परिसर में ‘क्या करें और क्या न करें’ के पोस्टर लगाए जाएंगे.
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती लू की स्थिति को देखते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए एक विशेष ‘स्कूल हीट एक्शन प्लान’ लागू करने की विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है. इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य सभी शिक्षकों को हीटवेव से बचाव के तौर-तरीकों, हीट स्ट्रोक (लू लगना) के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और आपातकालीन स्थिति में तुरंत फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) देने के लिए पूरी तरह से तैयार करना है. प्रशासन ने साफ किया है कि चिलचिलाती धूप और मौसम के इस कड़े मिजाज का बुरा असर बच्चों की पढ़ाई और उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए.
स्कूलों की दीवारों पर लगेंगे ‘क्या करें और क्या न करें’ के पोस्टर
इस सरकारी योजना के तहत अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने की बड़ी जिम्मेदारी स्कूल के गुरुजनों को सौंपी गई है. स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (प्रेयर मीट), क्लासरूम और अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों (को-करिकुलर एक्टिविटीज) के माध्यम से बच्चों को नियमित अंतराल पर पर्याप्त पानी पीने, सीधी धूप में न जाने और सूती कपड़े पहनने के फायदे समझाए जाएंगे. इसके साथ ही, स्कूल परिसर के मुख्य स्थानों पर ‘क्या करें और क्या न करें’ से जुड़े आकर्षक और आसान भाषा वाले पोस्टर लगाए जाएंगे. बच्चों को यह भी व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी कि अगर उनके किसी सहपाठी या दोस्त की तबीयत अचानक खराब होती है, तो वे बिना डरे तुरंत अपनी क्लास टीचर को इसकी जानकारी दें.
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तैनात होंगे ‘हेल्थ नोडल टीचर’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई गाइडलाइन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में अब अनिवार्य रूप से एक ‘हेल्थ नोडल टीचर’ (स्वास्थ्य प्रभारी शिक्षक) की नियुक्ति की जाएगी, जो रोजाना बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी स्कूलों के प्रमुख हिस्सों में जरूरी हेल्पलाइन नंबर और मौसम के अलर्ट डिस्प्ले करना आवश्यक कर दिया गया है. इसके अलावा, हर स्कूल के पास अपनी फर्स्ट एड किट में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस (ORS) के पैकेट, ग्लूकोज, डिजिटल थर्मामीटर और जीवन रक्षक दवाएं रखनी होंगी. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत बिना समय गंवाए आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क साधने की मुकम्मल व्यवस्था ऑन-ड्यूटी स्टाफ के पास होनी चाहिए.
सुबह 10 बजे के बाद खेलकूद पर रोक
बदलते मौसम को देखते हुए सरकार ने बच्चों के खेलने-कूदने और शारीरिक गतिविधियों के समय में भी बड़ा बदलाव किया है. अब स्कूलों में खेलकूद, पीटी और किसी भी तरह की बाहरी (आउटडोर) एक्टिविटी सिर्फ सुबह 10:00 बजे से पहले ही आयोजित की जा सकेंगी. अगर मौसम विभाग (IMD) द्वारा किसी क्षेत्र के लिए ‘ऑरेंज’ या ‘रेड’ हीटवेव अलर्ट जारी किया जाता है, तो उस अवधि में सभी प्रकार के भारी शारीरिक कार्यक्रम और खुले मैदान की एक्टिविटीज पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. इसके साथ ही, स्कूल प्रबंधकों को अपनी कक्षाओं में ठंडे व स्वच्छ पेयजल, सीलिंग फैन (पंके), हवादार वेंटिलेशन, छायादार पेड़-पौधों और बच्चों के बैठने के लिए छांव वाली जगहों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
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अस्वस्थ बच्चों को घर पर रखने की अपील
गाइडलाइन के आखिरी हिस्से में अभिभावकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए हैं. माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनाएं और साथ में टोपी या छाता जरूर दें. बच्चों के खानपान में तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को शामिल करें और उन्हें अत्यधिक मीठे या कैफीनयुक्त कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखें. अगर किसी बच्चे में तेज पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. सरकार ने अस्थमा, दिल की बीमारी या मोटापे से पीड़ित संवेदनशील बच्चों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं और कहा है कि बच्चा बीमार हो तो उसे स्कूल भेजने के बजाय घर पर ही आराम कराएं.
उत्तर भारत में लू का कहर जारी
IMD ने उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो-दिनों तक लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना जताई है. वहीं, 29 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 29 और 30 जून को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी के बीच लू (Heatwave) चल सकती है. इसलिए बेहतर रहेगा कि अगर आप बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं, तो तमाम गाइडलाइंस का पालान करें और उनकी सेहत के लिए खानपान और कपड़ों का विशेष ध्यान रखें.
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यूपी स्कूल हीट एक्शन प्लान 2026: आसान भाषा में पूरी गाइडलाइन
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सरकार की नई गाइडलाइन (आसान भाषा में)
हीट एक्शन प्लान क्यों लागू हुआ?
बच्चों को लू, हीट स्ट्रोक और तेज गर्मी से सुरक्षित रखने के लिए.
शिक्षकों की जिम्मेदारी
बच्चों को गर्मी से बचने के तरीके बताना, हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानना और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार देना.
स्कूल में जागरूकता
प्रार्थना सभा, क्लासरूम और अन्य गतिविधियों में बच्चों को गर्मी से बचाव की जानकारी दी जाएगी.
पोस्टर लगाए जाएंगे
स्कूल की दीवारों पर “क्या करें” और “क्या न करें” वाले पोस्टर लगाए जाएंगे.
बच्चों को क्या सिखाया जाएगा?
पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना, सूती कपड़े पहनना और साथी की तबीयत खराब होने पर तुरंत शिक्षक को सूचना देना.
हेल्थ नोडल टीचर
हर स्कूल में एक स्वास्थ्य प्रभारी शिक्षक नियुक्त किया जाएगा.
स्कूल में जरूरी व्यवस्था
ORS, ग्लूकोज, फर्स्ट एड किट, डिजिटल थर्मामीटर और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी.
आपातकालीन व्यवस्था
108 एम्बुलेंस और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत संपर्क की सुविधा सुनिश्चित होगी.
खेलकूद का समय
सभी आउटडोर खेल और पीटी केवल सुबह 10 बजे से पहले कराई जाएगी.
ऑरेंज/रेड हीटवेव अलर्ट
सभी बाहरी खेल, पीटी और भारी शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.
स्कूल में सुविधाएं
ठंडा पेयजल, पंखे, अच्छी वेंटिलेशन, छायादार स्थान और पौधों की व्यवस्था अनिवार्य होगी.
अभिभावकों के लिए सलाह
बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं, टोपी या छाता दें और पानी की बोतल साथ भेजें.
क्या खिलाएं?
तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी जैसे पानी वाले मौसमी फल अधिक दें.
किन चीजों से बचें?
कोल्ड ड्रिंक, कैफीन और अधिक मीठे पेय पदार्थों से बचाएं.
अगर बच्चे की तबीयत बिगड़ जाए
तेज पसीना, चक्कर, कमजोरी, उल्टी या बेहोशी होने पर तुरंत छांव में ले जाएं, ORS दें और डॉक्टर या 108 पर संपर्क करें.
विशेष निगरानी
अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा या अन्य गंभीर बीमारी वाले बच्चों की विशेष देखभाल की जाएगी.
बीमार बच्चे के लिए सलाह
यदि बच्चा अस्वस्थ है तो उसे स्कूल न भेजें और घर पर आराम कराएं.
मौसम पर नजर
स्कूलों को IMD के हीटवेव अलर्ट पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्य निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश सरकार का ‘हीट एक्शन प्लान’ बच्चों को लू और भीषण गर्मी के खतरे से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इस योजना के तहत स्कूलों में स्वास्थ्य सुरक्षा, जागरूकता और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि बदलते मौसम के बीच भी छात्र सुरक्षित रहें, उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां (ग्रीष्मकालीन अवकाश) समाप्त हो चुकी हैं.
भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण कई राज्यों में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं. हालांकि, आपके राज्य या शहर के अनुसार स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए अपने स्थानीय शिक्षा विभाग या स्कूल के नोटिस बोर्ड से पुष्टि करना सबसे सही रहता है.