बारिश में ढहने के 10 महीने बाद 30 जून का चालू होगा ये पुल, दोबारा तैयार करने में आया करोड़ों का खर्च
Dehradun News: नंदा की चौकी पर बना पुल सितंबर 2025 को भारी बारिश और नदी के उफान के बाद टूट गया था, लेकिन अब नए और परमानेंट पुल का काम तकरीबन पूरा कर लिया गया है, जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jun 29, 2026 15:36
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jun 29, 2026 15:36
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Nanda Ki Chowki Bridge (AI Image)
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मुख्य बिंदु
नया नंदा की चौकी पुल 30 जून तक खुलने की संभावना है.
इस नए पुल की लागत 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
16 करोड़ रुपये का ये पुल उस संरचना की जगह ले रहा है.
पुराना पुल सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान गिर गया था
पुल का निर्माण NHAI की फंडिंग से PWD की तरफ से किया जा रहा है.
पिछला अस्थायी ह्यूम-पाइप पुल भी एक डंपर के उस पर से गुजरने के बाद गिर गया था.
नया पुल देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर कनेक्टिविटी में सुधार करेगा.
New Nanda Ki Chowki Bridge: देहरादून के चकराता रोड पर नंदा की चौकी पुल के गिरने के तकरीबन 10 महीने बाद, स्थानीय अधिकारी 30 जून को एक नया पुल चालू करने की तैयारी कर रहे हैं. 16 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से बिजी देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू होने की उम्मीद है, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी.
कब गिरा था पुल?
सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान टोंस नदी के उफान से स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद पुराना पुल गिर गया था. इस घटना से निवासियों, ऑफिस जाने वालों, छात्रों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स, खासकर यूपीईएस और उत्तरांचल यूनिवर्सिटी जाने वालों के लिए कनेक्टिविटी डिस्टर्ब हो गई थी.
टेंपरेरी पुल भी हुआ था फेल
ट्रैफिक बहाल करने के लिए अधिकारियों ने शुरू में एक टेंपरेरी ह्यूम-पाइप पुल बनाया था. हालांकि, एक डंपर ट्रक के उस पर से गुजरने की कोशिश के बाद वो स्ट्रक्चर भी फेल हो गया, जिससे और देरी हुई और यात्रियों को कई हफ्तों तक लंबे अल्टरनेट रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ा.
AI Image
किसने बनाया नया पुल?
नया पुल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की वित्तीय सहायता से पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की तरफ से बनाया जा रहा है. निर्माण कार्य जनवरी 2026 में शुरू हुआ था लेकिन 30 अप्रैल का ऑरिजल टारगेट पूरा नहीं हो सका. अधिकारियों का कहना है कि काम अब आखिरी स्टेड में है और मानसून के जोर पकड़ने से पहले आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है.
स्थानीय निवासियों ने इस प्रोग्रेस का स्वागत करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में सुरक्षित और बिना रुकावट वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नया पुल जरूरी है. उन्होंने भारी बारिश के दौरान एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता बनाए रखने की अहमियत पर भी जोर दिया.
बिजनेस के लिए फायदेमंद
लोकल ट्रेडर्स का मानना है कि पुल के फिर से खुलने से उन बिजनेस को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी जो पुल गिरने के बाद ग्राहकों की आवाजाही कम होने के कारण प्रभावित हुए थे. एक बार चालू होने के बाद, पुल से कनेक्टिविटी में सुधार, ट्रैवल टाइम में कमी और इलाके में नॉर्मल ट्रैफिक फ्लो बहाल होने की उम्मीद है.
निष्कर्ष
नया नंदा की चौकी ब्रिज पूरा होने से महीनों की रुकावट के बाद देहरादून में सुचारू परिवहन व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है. परमानेंट स्ट्रक्चर बनने से यात्रा सुरक्षित होगी, इमरजेंसी में पहुंचना आसान होगा और पुल गिरने से प्रभावित हुए स्थानीय कारोबारों को मदद मिलेगी. लोगों को उम्मीद है कि मॉनसून की भारी बारिश से पहले पुल चालू हो जाएगा, ताकि पिछले साल जैसी ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएं दोबारा न हों.
मुख्य बिंदु
नया नंदा की चौकी पुल 30 जून तक खुलने की संभावना है.
इस नए पुल की लागत 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
16 करोड़ रुपये का ये पुल उस संरचना की जगह ले रहा है.
पुराना पुल सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान गिर गया था
पुल का निर्माण NHAI की फंडिंग से PWD की तरफ से किया जा रहा है.
पिछला अस्थायी ह्यूम-पाइप पुल भी एक डंपर के उस पर से गुजरने के बाद गिर गया था.
नया पुल देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर कनेक्टिविटी में सुधार करेगा.
New Nanda Ki Chowki Bridge: देहरादून के चकराता रोड पर नंदा की चौकी पुल के गिरने के तकरीबन 10 महीने बाद, स्थानीय अधिकारी 30 जून को एक नया पुल चालू करने की तैयारी कर रहे हैं. 16 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से बिजी देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू होने की उम्मीद है, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी.
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कब गिरा था पुल?
सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान टोंस नदी के उफान से स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद पुराना पुल गिर गया था. इस घटना से निवासियों, ऑफिस जाने वालों, छात्रों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स, खासकर यूपीईएस और उत्तरांचल यूनिवर्सिटी जाने वालों के लिए कनेक्टिविटी डिस्टर्ब हो गई थी.
टेंपरेरी पुल भी हुआ था फेल
ट्रैफिक बहाल करने के लिए अधिकारियों ने शुरू में एक टेंपरेरी ह्यूम-पाइप पुल बनाया था. हालांकि, एक डंपर ट्रक के उस पर से गुजरने की कोशिश के बाद वो स्ट्रक्चर भी फेल हो गया, जिससे और देरी हुई और यात्रियों को कई हफ्तों तक लंबे अल्टरनेट रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ा.
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किसने बनाया नया पुल?
नया पुल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की वित्तीय सहायता से पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की तरफ से बनाया जा रहा है. निर्माण कार्य जनवरी 2026 में शुरू हुआ था लेकिन 30 अप्रैल का ऑरिजल टारगेट पूरा नहीं हो सका. अधिकारियों का कहना है कि काम अब आखिरी स्टेड में है और मानसून के जोर पकड़ने से पहले आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है.
स्थानीय निवासियों ने इस प्रोग्रेस का स्वागत करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में सुरक्षित और बिना रुकावट वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नया पुल जरूरी है. उन्होंने भारी बारिश के दौरान एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता बनाए रखने की अहमियत पर भी जोर दिया.
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बिजनेस के लिए फायदेमंद
लोकल ट्रेडर्स का मानना है कि पुल के फिर से खुलने से उन बिजनेस को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी जो पुल गिरने के बाद ग्राहकों की आवाजाही कम होने के कारण प्रभावित हुए थे. एक बार चालू होने के बाद, पुल से कनेक्टिविटी में सुधार, ट्रैवल टाइम में कमी और इलाके में नॉर्मल ट्रैफिक फ्लो बहाल होने की उम्मीद है.
निष्कर्ष
नया नंदा की चौकी ब्रिज पूरा होने से महीनों की रुकावट के बाद देहरादून में सुचारू परिवहन व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है. परमानेंट स्ट्रक्चर बनने से यात्रा सुरक्षित होगी, इमरजेंसी में पहुंचना आसान होगा और पुल गिरने से प्रभावित हुए स्थानीय कारोबारों को मदद मिलेगी. लोगों को उम्मीद है कि मॉनसून की भारी बारिश से पहले पुल चालू हो जाएगा, ताकि पिछले साल जैसी ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएं दोबारा न हों.
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Frequently Asked Questions
ये उस पुराने पुल की जगह ले रहा है जो सितंबर 2025 में टोंस नदी के उफान पर आने और भारी बारिश के कारण ढह गया था.
अधिकारियों को उम्मीद है कि पुल बनकर तैयार हो जाएगा और 30 जून तक ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा.
नया पुल तकरीबन 16 करोड़ रूपये की लागत से बनाया गया है.
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की आर्थिक मदद से इस प्रोजेक्ट को पूरा कर रहा है.
इससे ट्रैफिक का फ्लो बेहतर होगा, ट्रैवल टाइम कम होगा, इमरजेंसी गाड़ियों के लिए पहुंच बेहतर होगी, और देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने वाले निवासियों, छात्रों, कारोबारियों और यात्रियों का संपर्क फिर से बहाल हो सकेगा.