यूपी में इसी साल पंचायत चुनाव होने हैं। इससे पहले ग्राम प्रधानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। बरेली में 46 ग्राम प्रधानों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई हैं। डीएम कार्यालय को 46 ग्राम प्रधानों के खिलाफ 80 से ज्यादा शिकायतें मिलीं। डीएम ने स भी शिकायतों की जांच कराई। इसमें 36 प्रधानों को क्लीन चिट मिली। वहीं 10 प्रधानों को सस्पेंड कर दिया गया।
साल 2021 में यूपी में पंचायत चुनाव हुए थे। चुनाव पास आते ही ग्राम प्रधानों के खिलाफ शिकायतें आई शुरू हो गईं हैं। चुनाव से पहले बरेली में प्रशासन में प्रधानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 46 प्रधानों के खिलाफ 80 से ज्यादा शिकायतें डीएम ऑफिस पहुंची। इसमें नाली, खड़ंजा, सीसी रोड आदि के निर्माण में घोटाले की शिकायतें रहीं। वहीं बिना काम कराए पैसा निकालना, अपने करीबियों के खाते में पैसा ट्रांसफर करना, एक ही काम के लिए अलग-अलग मद से पैसा निकालना जैसे कई आरोप लगे। डीपीआरओ कमल किशोर ने कहा कि इस साल पंचायत चुनाव होने हैं। इस वजह से शिकायतों की संख्या बढ़ी है।
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सभी शिकायतों पर डीएम ने जांच कराई। इसके बाद आरोप सही पाए जाने पर बराथानपुर की प्रधान रीता देवी, खमरिया के आरिफ, भोजपुर के मेवाराम, सकरस के अनीस अहमद, बेहटा बुजुर्ग की जैबुन निशा अंसारी, मरगापुर की निशा गंगवार, चकदहा के छोटे, बल्लिया के विनोद गुप्ता, लीलौर सहसा की आरती और लीलौर बुजुर्ग की राम रोशनी देवी को सस्पेंड कर दिया।
इसके अलावा पिंदारी, उगनपुर, जाम, जसाई नागर, पंडरी, केसरपुर, सुल्तानपुर, हल्दी कला, मोहम्मदपुर, परेवा, लभेड़ा, चमन नगरिया, रूपपुर, रिचौला, नवदिया, बरखना, बड़ागांव, अल्हैया, परसरामपुर, लौंगपुर, चंपतपुर, शेखापुर, गल्थुआ, मण्डौरा, चठिया फैजू, सहोलिया महोलिया, डंडिया नवाजिश अली, मानपुर, ठिरिया, ऐना, देवीपुर, इटौआ, मोहनपुर, बफरी आदि ग्राम पंचायत में भी घोटालों की शिकायतें डीएम ऑफिस तक पहुंची। हालांकि जांच में इन प्रधानों पर लगे आरोप निराधार पाए गए। इसके चलते इन प्रधानों को क्लीन चिट दे दी गई।
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