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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

क्या है अटाला मस्जिद का इतिहास? हाईकोर्ट कैसे पहुंचा मामला, जानिए सबकुछ

Atala Mosque: उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी, मथुरा और संभल की मस्जिदों पर विवाद चल रहा है। अब इस कड़ी में एक मस्जिद का नाम और शामिल हो गया है, वह है जौनपुर की अटाला मस्जिद। ये मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

Updated: Dec 7, 2024 16:13
Up news History of Atala Mosque

Atala Mosque: जौनपुर में मंदिर-मस्जिद का विवाद भी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट में 9 दिसंबर को की जाएगी। सोमवार को होने वाली सुनवाई में मस्जिद की जगह मंदिर होने का दावा करने वाले स्वराज वाहिनी एसोसिएशन को अपना जवाब दाखिल करना होगा। स्वराज वाहिनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा ने ही जौनपुर जिला कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया था। जिसमें कहा गया कि जौनपुर की अटाला मस्जिद को मंदिर तोड़कर बनाया गया है। जानिए क्या है इस मस्जिद का इतिहास?

क्या है दावा?

स्वराज वाहिनी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा का कहना है कि मस्जिद की जगह पर पहले अटला देवी का मंदिर था। जिसका निर्माण 13 वीं शताब्दी में राजा विजय चंद्र ने कराया था। मांग की गई है कि इसमें पूजा अर्चना का अधिकार दिया जाए। हाईकोर्ट में याचिका अटाला मस्जिद के वक्फ की तरफ से दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच करेगी। अब मस्जिद पक्ष का दावा है कि कुछ ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर मुकदमा किया गया है। जबकि मस्जिद होने के सारे डॉक्यूमेंट्स उनके पास मौजूद हैं।

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क्या है मस्जिद का इतिहास?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अटाला मस्जिद 100 फीट ऊंची है, जोकि जौनपुर के मोहल्ला सिपाह के पास गोमती नदी किनारे पर बनाई गई। इतिहासकारों का मानना है कि मस्जिद की तामीर 1393 में हुई, जिसको शुरू करे वाले फिरोजशाह थे। यह मस्जिद पूरी तरह से तुगलक स्टाइल में बनाई गई है। कहा जाता है कि यह मस्जिद पूरी तरह से बनकर तैयार हुई सन 1408 में, जिसको पूरा कराने वाले इब्राहिम शाह शर्की थे।

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मस्जिद में चारों ओर साइड गैलरी बनी हुई हैं। इसके अलावा उत्तर और दक्षिण में गुंबद बनाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्जिद का मेन गेट 75 फीट ऊंचाई और 55 फीट चौड़ाई के साथ बनाया गया है। इस मस्जिद के आकार का अंदाजा इसके तीन मंजिला हॉल से ही लगाया जा सकता है। कहा जाता है कि फीरोजशाह तुगलक ने गोमती नदी किनारे जौनपुर शहर को बसाया था। जिसका नाम जौनपुर, जौना खान के नाम पर रखा गया। जौना खान फीरोजशाह का भाई था, यहीं पर ये मस्जिद बनी है।

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First published on: Dec 07, 2024 04:13 PM

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