हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने धर्मशाला में सामने आई घटना को दुःखद करार दिया है. उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एडिशनल डायरेक्टर शिक्षा हरीश शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है.
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस कमेटी को तीन दिन का समय दिया गया है, जिसके भीतर अपनी रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंपनी होगी. रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. कमेटी में तीन प्रिंसिपल शामिल किए गए हैं, जिनमें एक महिला प्रिंसिपल भी सदस्य हैं, ताकि जांच निष्पक्ष और संतुलित तरीके से की जा सक.
रोहित ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोफेसर अशोक कुमार पर लगे आरोपों की भी इसी कमेटी द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी. वहीं, मामले को लेकर पुलिस विभाग भी समानांतर रूप से जांच कर रहा है.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में पहले से मौजूद गाइडलाइंस को अब और सख्ती से लागू किया जाएगा. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.










