---विज्ञापन---

Video: संभल हिंसा का सच आया सामने! नए वीडियो में सफेद कुर्ता पहने युवक ने भीड़ को उकसाया

Sambhal violence: इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई है, पुलिस ने इस केस में कुल 7 FIR दर्ज की हैं, जिसमें 2000 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

---विज्ञापन---

Sambhal violence: संभल हिंसा पर शनिवार को एक नया वीडियो सामने आया है। चौंकाने वाली इस सीसीटीवी फुटेज में सफेद कुर्ता-पजामा पहले एक शख्स भीड़ को मस्जिद की तरफ जाने को कह रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार दंगे भड़काने के लिए भीड़ को भड़काते दंगाइयों का यह नया सीसीटीवी फुटेज मामले की जांच में अहम साक्ष्य बनेगा।

चंद सेकेंड के वीडियो में टोपी और कुर्ता पहने युवक बार-बार हाथ का इशारा कर उग्र भीड़ को मस्जिद की तरफ बढ़ने के लिए कहता दिखाई पड़ रहा है। भीड़ में खड़ा वह युवक वीडियो में कई बार पीछे मुड़कर नारेबाजी कर रहे लोगों को आगे बढ़ने को उकसाता है।

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---

अभी भी इलाका पुलिस छावनी बना हुआ

शनिवार को हिंसा के बाद संभल जामा मस्जिद के आसपास कुछ दुकानें खुलीं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल गश्त करता दिखाई पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने लारउस्पीकर से ऐलान कर लोगों को वापस दुकान खोलने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में फिलहाल बैरिकेडिंग की हुई है।

सपा देगी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख

आज सुबह पुलिस ने संभल जा रहे समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को रास्ते में रोक दिया। जिसके बाद सपा ने संभल पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। पार्टी ने मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की है। इसके अलावा सपा ने एक बयान जारी कर यूपी सरकार से मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख देने की मांग की है।

---विज्ञापन---

फिलहाल इलाके में ये प्रतिबंध लागू

फिलहाल संभल जिले में धारा 163 लागू है, यहां चार या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक है। बता दें संभल में 24 नवंबर में हिंसा हुई थी। इस मामले में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन एफआईआर में 2000 से ज्यादा अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई है।

मस्जिद कमिटी के वकील कासिम जमाल ने कहा कि हिंसा के दिन मैं मस्जिद के अंदर था बाहर क्या हुआ मुझे नहीं पता। उन्हाूेंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक बार जब 19 नवंबर को सर्वे पूरा हुआ तो 24 नवंबर को को दोबारा सर्वे क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि जहां तक कुएं और सीढ़ियों पर निर्माण की बात है तो कुआं खुला है उसका रास्ता है। जहां तक सीढ़ियों पर रेलिंग की बात है वो तो लोगों की सहूलियत के लिए लगवाई गई हे।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Sambhal Row: मस्जिद की ASI रिपोर्ट में क्या? सर्वे करने गई टीम ने किए कई खुलासे

First published on: Nov 30, 2024 03:18 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola