BJP के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नानकद्दीन भुर्जी की मौत हो गई है. वे लखनऊ में सरकारी आवास में गंभीर घायल मिले, जिन्हें डॉक्टरों ने पहली ही जांच में मृत घोषित कर दिया. कहा जा रहा है कि नानकद्दीन की मौत 7वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई है, लेकिन ADCP सेंट्रल जितेंद्र दुबे का कहना है कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. एक्सीडेंट, सुसाइड के अलावा अन्य पहलुओं से भी मामले की जांच की जाएगी.
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सुभासपा विधायक के सरकारी आवास पर मृत मिले
बता दें कि नानकद्दीन की राजधानी लखनऊ के लालबाग स्थित विधायक आवास में मौत हुई है. नानकद्दीन बीती शाम 357 बेल्थरा रोड पर सुभासपा के विधायक हंसू राम के सरकारी आवास पर पहुंचे थे. यहां उन्होंने कॉफी मंगवाई, लेकिन जब हेल्पर कॉफी लेकर आया तो वह कमरे में नहीं थे. उन्हें तलाश किया जा रहा था कि सिक्योरिटी गार्ड ने उनके नीचे गिरने के बारे में बताया. उन्हें घायल अवस्था में बेहोश देखकर पुलिस को बुलाया गया, जो उन्हें अस्पताल ले गई.
पहली जांच में मृत घोषित किए गए नानकद्दीन भुर्जी
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने नानकद्दीन को पहली जांच में ही मृत घोषित कर दिया. घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही ADCP सेंट्रल जितेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में नानकद्दीन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. वहीं सिविल अस्पताल के डायरेक्ट डॉ. जीपी गुप्ता ने मीडिया को ब्रीफ किया कि अस्पताल लाने से पहले नानकद्दीन भुर्जी की मौत हो चुकी थी. उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर था. मौत के सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे ही पता चलेगा.
2006 में मुलायम सिंह सरकार में राज्य मंत्री बने थे
ADCP सेंट्रल जितेंद्र दुबे ने बताया कि नानकद्दीन भुर्जी के रिश्तेदार अनुज मौके पर आए थे. उन्होंने पुलिस को बताया कि नानकद्दीन को किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी. नानकद्दीन भुर्जी पिछड़ा वर्ग की राजनीति में सक्रिय थे. 2006 में वे समाजवादी पार्टी सरकार में राज्य मंत्री बनाे थे. उस समय वे मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं की सूची में शामिल थे. लेकिन 2009 में उन्होंने अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन की.
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हिंदुस्तान पिछड़ा मोर्चा नामक संगठन के अध्यक्ष रहे
नानकद्दीन भाजपा में पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा से जुड़े और पार्टी के संगठन में अहम भूमिका भी निभाई. उन्होंने ‘हिंदुस्तान पिछड़ा मोर्चा’ नामक संगठन भी बनाया, जिसके वह राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. लेकिन अब उनकी मौत होने से समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों में शोक की लहर दौड़ गई है. वहीं पुलिस को उनकी मौत संदिग्ध लग रही है, इसलिए पुलिस उनकी मौत की जांच हर एंगल से करेगी, क्योंकि जिस तरह वे गिरे, वह हादसा-सुसाइड हो सकता है.