IIT Kanpur Website Hack: हैकाथॉन टेस्ट में फेल हुआ छात्र तो वेबसाइट कर ली हैक, FIR की जगह मिला दूसरा मौका
हैकाथॉन टेस्ट में फेल होने के बाद एक छात्र ने IIT कानपुर की वेबसाइट को हैक कर लिया. इस मामले के सामने आने के बाद संस्थान ने FIR दर्ज करने के बजाय उसे दोबारा साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में शामिल होने का मौका दिया.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 29, 2026 12:44
Share :
---विज्ञापन---
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, एक छात्र ने IIT कानपुर की वेबसाइट हैक कर ली. इतना ही नहीं वेबसाइट हैकिंग के दौरान उसने एक मैसेज भी छोड़ा था जिसमें उसने लिखा, ‘मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए.’
अब आप सोच रहे होंगे कि IIT कानपुर की वेबसाइट हैक करने के लिए छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई होगी लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. दरअसल, संस्थान ने छात्र पर FIR दर्ज कराने की जगह उसे दूसरा मौका देने का फैसला किया. बता दें कि छात्र ने IIT कानपुर के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (B.Cyber) कार्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए आयोजित चयन प्रक्रिया में भाग लिया था. लेकिन वह BTech साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन नहीं पा सका था. जिसके बाद उसने संस्थान की वेबसाइट हैक कर ली थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही IIT कानपुर की साइबर सुरक्षा टीम ने मामले की जांच शुरू की थी. जिसके बाद सच्चाई सामने आई. हालांकि अब उसे इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दूसरा मौका दिया गया है.
---विज्ञापन---
छात्र को इंटर्नशिप देगा IIT कानपुर
IIT कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान छात्र को अपने C3iHub साइबर सिक्योरिटी सेंटर में इंटर्नशिप देने पर विचार कर रहा है, साथ ही यह भी साफ किया कि संस्थान के सिस्टम को हैक करना मौके पाने का सही तरीका नहीं है.
इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अग्रवाल ने कहा, ‘IIT कानपुर में एडमिशन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी और इसमें कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलू भी शामिल थे. हालांकि, हम छात्र का भविष्य खराब नहीं करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे एक और मौका देने का फैसला किया है और C3iHub में इंटर्नशिप के लिए उस पर विचार कर रहे हैं. वह अगले साल एडमिशन के लिए कोशिश कर सकता है.’
---विज्ञापन---
यह घटना तब सामने आई जब छात्र ने IIT कानपुर की वेबसाइट हैक कर ली और उसके एक हिस्से को इस मैसेज से बदल दिया: ‘साइट हैक हो गई है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए.’
छात्र ने ली IIT कानपुर की वेबसाइट हैक करने की जिम्मेदारी
इतना ही नहीं, संस्थान की वेबसाइट हैक करने के तुरंत बाद, छात्र ने X और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हैक के स्क्रीनशॉट शेयर किए और IIT कानपुर की वेबसाइट को हैक करने की जिम्मेदारी भी ली. उसने कहा कि उसका मकसद IIT कानपुर के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि एडमिशन न मिलने के बाद वह सिर्फ अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स दिखाना चाहता था.
---विज्ञापन---
अग्रवाल ने कहा, IIT कानपुर के BTech साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम के आवेदकों को एडमिशन प्रक्रिया के दौरान अपनी तकनीकी क्षमताएं दिखाने के कई मौके दिए जाते हैं, जिसमें हैकाथॉन भी शामिल हैं. हालांकि, वह छात्र सिलेक्शन प्रक्रिया के दौरान अपनी काबिलियत साबित नहीं कर सका था.
हालांकि, IIT कानपुर ने छात्र पर किसी भी तरह का एक्शन लेने की जगह उसे दूसरा मौका देने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि IIT कानपुर कुशल साइबर सिक्योरिटी उत्साही लोगों का स्वागत करता है कि वे C3iHub (संस्थान का साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब) में इंटर्नशिप या नौकरी के मौकों के लिए अपने CV शेयर करें.
उन्होंने कहा, ‘हम साइबर सिक्योरिटी में माहिर लोगों का स्वागत करते हैं कि वे अपना CV हमारे साथ शेयर करें और हम C3iHub में इंटर्नशिप या नौकरी के लिए उन पर विचार करेंगे. छात्रों को अपने लक्ष्य पाने के लिए हमेशा सही और कानूनी तरीका अपनाना चाहिए और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जिनके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.’
---विज्ञापन---
छात्र का मकसद संस्थान को नुकसान पहुंचाना नहीं था
वहीं, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि छात्र का उद्देश्य किसी प्रकार का आर्थिक लाभ उठाना या संस्थान को नुकसान पहुंचाना नहीं था. उसने वेबसाइट की सुरक्षा खामी को प्रदर्शित करने के लिए यह कदम उठाया था.