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Noida Illegal Plots: नोएडा में प्लॉट खरीदने से पहले सावधान! अथॉरिटी ने जारी की चेतावनी, इन 3 इलाकों में पैसा लगाना पड़ेगा भारी

Noida Illegal Plots: नोएडा के सलारपुर, भंगेल और हाजीपुर में प्लॉट खरीदने से पहले अथॉरिटी की चेतावनी और अवैध खसरा नंबरों की पूरी लिस्ट जरूर देखें, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे.

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मुख्य जानकारी:

  • नोएडा अथॉरिटी ने सलारपुर, भंगेल और हाजीपुर में अवैध जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है.
  • इन चिन्हित खसरा नंबरों पर भू-माफियाओं द्वारा बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण किया गया है.
  • प्रतिबंधित जमीनों पर भविष्य में सीवर, सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी.
  • इन विवादित प्लॉटों पर लेन-देन करने पर होने वाले नुकसान के जिम्मेदार खुद क्रेता और विक्रेता होंगे.
  • अथॉरिटी ने निवेश करने से पहले जमीन के खसरा नंबर का पूरा ऑनलाइन सत्यापन करने की सलाह दी है.

Noida Illegal Plots: दिल्ली से सटे नोएडा में अपना खुद का प्लॉट या जमीन खरीदने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए नोएडा अथॉरिटी ने एक बेहद जरूरी सार्वजनिक चेतावनी जारी की है. अथॉरिटी ने साफ तौर पर खरीदारों को आगाह किया है कि वे शहर के कुछ खास चिन्हित इलाकों में जमीन की खरीद-फरोख्त करने की भूल बिल्कुल न करें क्योंकि वहां भू-माफियाओं द्वारा अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया गया है. नोएडा अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि इन विवादित खसरा नंबरों पर किसी भी तरह का नक्शा पास नहीं किया गया है और बिना जांच-परख के ऐसे क्षेत्रों में निवेश करना पूरी तरह जोखिम भरा हो सकता है.

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किन 3 प्रमुख गांवों के लिए यह कड़ी चेतावनी जारी हुई है?

नोएडा अथॉरिटी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक विशेष वीडियो साझा करके नागरिकों को सचेत किया है. अथॉरिटी के अनुसार नोएडा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सलारपुर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर के कुछ खास हिस्सों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमणकारियों का जाल फैला हुआ है. इन गांवों की चिन्हित जमीनों पर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के अवैध कॉलोनियां और ढांचे खड़े कर दिए गए हैं, जिन पर अथॉरिटी सख्त रुख अपनाने जा रही है.

अवैध जमीनों की खसरा संख्या की पूरी लिस्ट क्या है?

अथॉरिटी ने जनता की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रभावित इलाकों के खसरा नंबरों की पूरी सूची सार्वजनिक कर दी है. इसके तहत सलारपुर खादर के खसरा नंबर 700 से 711, 723, 724, 728 से 735, 745 से 752, 759, 760, 762 से 764, 779, 780 और 795 से 798 शामिल हैं. भंगेल बेगमपुर के खसरा नंबर 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 व 251 और हाजीपुर गांव का खसरा नंबर 412 इस प्रतिबंधित सूची में शामिल है.

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इन विवादित इलाकों में प्लॉट लेने पर क्या नुकसान होगा?

अगर कोई व्यक्ति चेतावनी के बाद भी इन क्षेत्रों में जमीन खरीदता है, तो उसे भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. नोएडा अथॉरिटी ने साफ कह दिया है कि इन अवैध रूप से कब्जाए गए खसरा नंबरों पर भविष्य में बिजली, पानी, सीवर और पक्की सड़क जैसी कोई भी मूलभूत सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी. इसके अलावा इन अवैध निर्माणों पर किसी भी समय अथॉरिटी का बुलडोजर चल सकता है और कार्रवाई हो सकती है.

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जमीन के सौदे में किसी भी विवाद की जिम्मेदारी किसकी होगी?

प्राधिकरण ने अपने नोटिस में साफ तौर पर कानूनी स्थिति को स्पष्ट कर दिया है. यदि कोई भी नागरिक इन प्रतिबंधित खसरा नंबरों वाली जमीनों पर किसी भी तरह का लेन-देन या रजिस्ट्री करता है, तो भविष्य में पैदा होने वाली किसी भी कानूनी या प्रशासनिक समस्या की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ खरीदने वाले (क्रेता) और बेचने वाले (विक्रेता) की होगी. इस नुकसान में नोएडा अथॉरिटी का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा.

जमीन खरीदने में खसरा संख्या की क्या भूमिका होती है?

राजस्व विभाग द्वारा किसी भी गांव की जमीन के हर एक टुकड़े को एक यूनिक पहचान नंबर दिया जाता है, जिसे खसरा संख्या कहते हैं. यह नंबर जमीन के मालिकाना हक, उसकी सटीक लोकेशन, चौहद्दी और उपयोग के प्रकार को दर्शाता है. खसरा नंबर के जरिए ही कोई भी खरीदार आसानी से ऑनलाइन यह पता लगा सकता है कि वह जो जमीन खरीद रहा है वह सरकारी तो नहीं है या फिर किसी अदालती पचड़े में तो नहीं फंसी है.

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नोएडा अथॉरिटी द्वारा प्रतिबंधित खसरा नंबरों का विवरण (Table):

प्रभावित गांव का नामअवैध घोषित मुख्य खसरा संख्या (Entities)बुनियादी सुविधाओं की स्थितिनिवेश का जोखिम स्तरअथॉरिटी की मुख्य सलाह
सलारपुर खादर700-711, 723, 724, 728-735, 745-752, 759, 760, 762-764, 779, 780, 795-798बिजली, पानी, सीवर नहीं मिलेगाअत्यधिक नुकसानदेहखरीदने से पहले पूरी वैधता जांचें
भंगेल बेगमपुर176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250, 251कोई नक्शा पास नहीं होगापूर्णतः असुरक्षितबिना अनुमति सौदा न करें
हाजीपुरखसरा संख्या: 412सरकारी योजनाएं वर्जितकानूनी विवाद की आशंकाआधिकारिक सत्यापन जरूरी है

निष्कर्ष:

नोएडा में जमीन खरीदने की जल्दबाजी आपकी गाढ़ी कमाई को संकट में डाल सकती है. अथॉरिटी द्वारा जारी सलारपुर, भंगेल और हाजीपुर के खसरा नंबरों की सूची को ध्यान में रखकर ही कोई कदम उठाएं. सुरक्षा इसी में है कि आप बिना कागजी सत्यापन और अथॉरिटी की मंजूरी के किसी भी लुभावने ऑफर में न फंसें.

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Frequently Asked Questions

Ans: अथॉरिटी ने मुख्य रूप से नोएडा के ग्राम सलारपुर खादर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर की जमीनों के लिए अलर्ट जारी किया है.
Ans: नहीं, नोएडा अथॉरिटी ने साफ किया है कि इन खसरा नंबरों पर किसी भी प्रकार का कोई नक्शा पास नहीं किया गया है.
Ans: हाजीपुर गांव का खसरा संख्या 412 नोएडा अथॉरिटी की इस प्रतिबंधित और अवैध सूची में शामिल है.
Ans: अथॉरिटी ने निर्देश दिए हैं कि बिना प्राधिकरण की लिखित अनुमति और सत्यापन के किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त न करें.
Ans: खसरा संख्या से जमीन के टुकड़े की पहचान, असली मालिकाना हक, सटीक लोकेशन, बाउंड्री और कानूनी स्थिति का पता चलता है.
First published on: Jul 04, 2026 02:15 PM

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About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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