नोएडा एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है. सूरजपुर-कासना मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नटों की मढ़ैया गोलचक्कर से कासना टी-प्वाइंट के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में अतिरिक्त लेन तैयार करा रहा है. इसके पूरा होने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर हर रोज यात्रा करने वाले एक लाख से अधिक वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.

पीक आवर्स में सबसे ज्यादा होती है परेशानी

नटों की मढ़ैया से कासना तक का यह हिस्सा करीब 80 मीटर चौड़ी सड़क का हिस्सा है, लेकिन वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण यहां कई बार यातायात धीमा हो जाता है. खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबी कतारें लग जाती हैं. इसी समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने सड़क की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लेन बनाने का फैसला लिया है. परियोजना का काम ठेके पर दिए जाने के बाद अब निर्माण शुरू हो चुका है.

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आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के वाहनों का दबाव

इस मार्ग पर हर दिन एक लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है. इनमें ग्रेटर नोएडा के विभिन्न आवासीय सेक्टरों से आने-जाने वाले निजी वाहन, औद्योगिक क्षेत्रों के मालवाहक वाहन और रोडवेज बसें शामिल हैं. ग्रेटर नोएडा डिपो की यूपी रोडवेज बसों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है. ऐसे में अतिरिक्त लेन बनने से यातायात का दबाव अलग-अलग लेन में बांटने में मदद मिलेगी.

एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की वजह से बढ़ रहा ट्रैफिक

सूरजपुर-कासना रोड पर वाहनों का दबाव सिर्फ स्थानीय आवाजाही तक सीमित नहीं है. गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, डीएमआईसी इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले वाहन भी इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा कासना औद्योगिक क्षेत्र और आस-पास की आवासीय सोसायटियों से आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी काफी है. आने वाले समय में नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने के साथ इस रूट पर यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है.

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समय की होगी बचत

प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के अनुसार, अतिरिक्त लेन तैयार होने के बाद सड़क की यातायात क्षमता में इजाफा होगा. इससे वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में सुचारु होने और जाम की स्थिति कम होने की उम्मीद है. यातायात बेहतर होने पर वाहन चालकों का यात्रा समय घटेगा और लंबे समय तक जाम में खड़े रहने के कारण होने वाली ईंधन की अतिरिक्त खपत भी कम होगी.

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