हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

नोएडा एयरपोर्ट-एक्सप्रेसवे रूट पर बन रही नई लेन, लोगों को जाम से मिलेगी राहत

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर-कासना मार्ग पर नटों की मढ़ैया गोलचक्कर से कासना टी-प्वाइंट तक करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में अतिरिक्त लेन का निर्माण शुरू हो गया है. इस रास्ते से रोजाना एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं. नई लेन बनने के बाद जाम कम होने के साथ यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है.

विज्ञापन
सूरजपुर-कासना मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है. (फोटो- AI)

नोएडा एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है. सूरजपुर-कासना मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नटों की मढ़ैया गोलचक्कर से कासना टी-प्वाइंट के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में अतिरिक्त लेन तैयार करा रहा है. इसके पूरा होने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर हर रोज यात्रा करने वाले एक लाख से अधिक वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.

पीक आवर्स में सबसे ज्यादा होती है परेशानी

नटों की मढ़ैया से कासना तक का यह हिस्सा करीब 80 मीटर चौड़ी सड़क का हिस्सा है, लेकिन वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण यहां कई बार यातायात धीमा हो जाता है. खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबी कतारें लग जाती हैं. इसी समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने सड़क की क्षमता बढ़ाने के लिए नई लेन बनाने का फैसला लिया है. परियोजना का काम ठेके पर दिए जाने के बाद अब निर्माण शुरू हो चुका है.

आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के वाहनों का दबाव

इस मार्ग पर हर दिन एक लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है. इनमें ग्रेटर नोएडा के विभिन्न आवासीय सेक्टरों से आने-जाने वाले निजी वाहन, औद्योगिक क्षेत्रों के मालवाहक वाहन और रोडवेज बसें शामिल हैं. ग्रेटर नोएडा डिपो की यूपी रोडवेज बसों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है. ऐसे में अतिरिक्त लेन बनने से यातायात का दबाव अलग-अलग लेन में बांटने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन

एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की वजह से बढ़ रहा ट्रैफिक

सूरजपुर-कासना रोड पर वाहनों का दबाव सिर्फ स्थानीय आवाजाही तक सीमित नहीं है. गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, डीएमआईसी इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले वाहन भी इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा कासना औद्योगिक क्षेत्र और आस-पास की आवासीय सोसायटियों से आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी काफी है. आने वाले समय में नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने के साथ इस रूट पर यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है.

यह भी पढ़ें- 23.6 KM लंबाई, 15 मेट्रो स्टेशन… कब होगा दिल्ली मेट्रो गोल्डन लाइन का उद्घाटन? एयरपोर्ट तक सफर होगा आसान

विज्ञापन

समय की होगी बचत

प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के अनुसार, अतिरिक्त लेन तैयार होने के बाद सड़क की यातायात क्षमता में इजाफा होगा. इससे वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में सुचारु होने और जाम की स्थिति कम होने की उम्मीद है. यातायात बेहतर होने पर वाहन चालकों का यात्रा समय घटेगा और लंबे समय तक जाम में खड़े रहने के कारण होने वाली ईंधन की अतिरिक्त खपत भी कम होगी.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola