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23.6 KM लंबाई, 15 मेट्रो स्टेशन… कब होगा दिल्ली मेट्रो गोल्डन लाइन का उद्घाटन? एयरपोर्ट तक सफर होगा आसान

दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच 23.6 किलोमीटर लंबे रूट पर दौड़ेगी. 15 स्टेशनों वाले इस कॉरिडोर का करीब 83 फीसदी काम पूरा हो चुका है. दिसंबर 2026 तक सेवा शुरू होने की उम्मीद है. तुगलकाबाद-संगम विहार सेक्शन पहले खोला जा सकता है, जिससे साउथ दिल्ली, फरीदाबाद और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी.

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दिल्ली मेट्रो के फेज-4 में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है. दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन साउथ दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली है. एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच तैयार हो रहे इस करीब 23.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर कुल 15 स्टेशन होंगे. इस लाइन के शुरू होने से महिपालपुर, वसंत कुंज, छतरपुर, साकेत, खानपुर, संगम विहार और तुगलकाबाद जैसे इलाकों के यात्रियों को सीधा मेट्रो नेटवर्क मिलेगा.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुताबिक इस कॉरिडोर का करीब 83 फीसदी काम पूरा हो चुका है. ट्रैक बिछाने, बिजली से जुड़ी ओवरहेड प्रणाली और सिग्नलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. कॉरिडोर की टनलिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए पूरी लाइन को दिसंबर 2026 के आस-पास शुरू किए जाने की उम्मीद है.

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तुगलकाबाद से संगम विहार वाला हिस्सा पहले खुल सकता है

गोल्डन लाइन के पूरे कॉरिडोर के चालू होने से पहले इसका 8.4 किलोमीटर लंबा तुगलकाबाद-संगम विहार हिस्सा दिसंबर तक शुरू किए जाने की तैयारी है. इस सेक्शन में तुगलकाबाद, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी, आनंदमयी मार्ग जंक्शन और संगम विहार-तिगरी स्टेशन शामिल हैं. तुगलकाबाद स्टेशन मौजूदा वायलेट लाइन से इंटरचेंज की सुविधा देगा. इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो फरीदाबाद, बदरपुर और बल्लभगढ़ की ओर से दक्षिण दिल्ली के इलाकों में आते-जाते हैं. तुगलकाबाद पर इंटरचेंज मिलने के बाद इन यात्रियों को महरौली, छतरपुर और आस-पास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए मौजूदा लंबे रूट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे दिल्ली-एनसीआर के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है.

डबल-डेकर फ्लाईओवर बनेगा खास आकर्षण

गोल्डन लाइन की एक बड़ी इंजीनियरिंग विशेषता संगम विहार और अंबेडकर नगर के बीच तैयार किया जा रहा करीब 2.4 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर फ्लाईओवर है. इसमें नीचे सड़क यातायात और उसके ऊपर मेट्रो का ढांचा होगा. इस डिजाइन का मकसद सीमित जमीन में सड़क और मेट्रो दोनों के लिए जगह उपलब्ध कराना है.

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गोल्डन लाइन के जरिए एयरपोर्ट से साउथ दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों की पहुंच बेहतर होगी. आगे प्रस्तावित विस्तारों के साथ इसका नेटवर्क और मजबूत होने की संभावना है. केंद्र सरकार ने एयरोसिटी-आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज विस्तार को भी मंजूरी दी है, जिससे आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और बढ़ेगी.

साउथ दिल्ली को जोड़ेगा 23.6 किमी लंबा कॉरिडोर

एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच तैयार हो रही गोल्डन लाइन का कॉरिडोर करीब 23.6 किलोमीटर लंबा है. इस पूरे रूट पर 15 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार, परियोजना का लगभग 83 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. अब बचे हुए हिस्से में ट्रैक बिछाने, बिजली की ओवरहेड लाइन और सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है. कॉरिडोर की सुरंग बनाने का काम पहले ही पूरा हो चुका है.

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इस रूट के तुगलकाबाद-संगम विहार हिस्से में चार प्रमुख स्टेशन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होंगे. इनमें तुगलकाबाद, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी, आनंदमयी मार्ग जंक्शन और संगम विहार-तिगरी शामिल हैं. तुगलकाबाद स्टेशन खास तौर पर अहम होगा, क्योंकि यहां यात्रियों को दूसरी मेट्रो लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. इससे साउथ दिल्ली और आस-पास के इलाकों के लोगों के लिए मेट्रो से सफर करना और आसान हो जाएगा.

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डबल-डेकर फ्लाईओवर बनेगा खास आकर्षण

गोल्डन लाइन के इस हिस्से में बनने वाला करीब 2.4 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर फ्लाईओवर परियोजना की अहम विशेषताओं में शामिल है. यह संरचना संगम विहार और अंबेडकर नगर के बीच तैयार की जा रही है. इसकी खास बात यह होगी कि निचले हिस्से में सड़क यातायात चलेगा, जबकि उसके ऊपर बने कॉरिडोर से मेट्रो ट्रेनें गुजरेंगी.

एक ही ढांचे में सड़क और मेट्रो की सुविधा विकसित होने से सीमित जमीन का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा. साथ ही, इस व्यस्त इलाके में परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी. मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद स्थानीय यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है.

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First published on: Sep 13, 2026 02:13 PM

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