---विज्ञापन---

‘कानून सभी को मानना चाहिए’, UGC की नई गाइडलाइंस पर आया RSS चीफ मोहन भागवत का बयान

मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और सशक्त होने की जरूरत है. हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है. हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने की बात कही. (मानस श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

---विज्ञापन---

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है. जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए. समाज में अपनापन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी. जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा. सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए. संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है. एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए. मोहन भागवत ने लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में यह बात कही.

‘हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए’

मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और सशक्त होने की जरूरत है. हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है. हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए. जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ‘अगर 1.25 करोड़ हिंदू लड़ने का फैसला करें…’, बांग्लादेश पर RSS चीफ मोहन भागवत का बड़ा बयान

बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा. उन्हें रोजगार नहीं देना है. उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए. वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है. यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए. विवाह का मकसद सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं. इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है.

---विज्ञापन---

‘सद्भाव बढ़ाने की जरूरत’

उन्होंने कहा कि सद्भाव ना रहने से भेदभाव होता है. हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं. मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं. एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा. उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है. जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते.

यह भी पढ़ें : हमें पावर नहीं चाहिए, RSS को समझना है तो अंदर आइये… संघ के 100 साल के सफर पर बोले मोहन भागवत

---विज्ञापन---

मोहन भागवत ने कहा कि बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए. हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी. इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए.

‘मातृशक्ति परिवार का आधार’

उन्होंने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृ शक्ति है. हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह माताएं तय करती थी. मातृ शक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है. महिला को हमें अबला नहीं मानना है. हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है. महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए. पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है. उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है.

---विज्ञापन---

‘विश्व का मार्गदर्शन करेगा भारत’

मोहन भागवत ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व का मार्गदर्शन करेगा. विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है.

यह भी पढ़ें : ‘दुनिया के देश स्वार्थ पर चल रहे, हम वसुदेव कुटुंबकम पर…’, 162वें मर्यादा महोत्सव में बोले मोहन भागवत

---विज्ञापन---

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया

उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं. इससे हमें सावधान रहना होगा. एक-दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा. एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा.

First published on: Feb 17, 2026 10:31 PM

End of Article

About the Author

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More

Arif Khan

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola