'बेदम हुए बीमार दवा क्यों नही देते', सपा सांसद इकरा हसन ने शायराना अंदाज में मोदी सरकार पर कसा तंज

Iqra Hasan on Budget 2025: सांसद ने कहा कि देश का किसान खेती में बढ़ती लागत से परेशान हैं, यहां का नौजवान बेरोजगार हैं। उन्होंने खाद्य सामग्री और स्कूल की किताबों पर टैक्स कम करने की मांग की।

इकरा हसन

Iqra Hasan on Budget 2025: सपा सांसद इकरा हसन ने शायराना अंदाज में Budget 2025 को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। वहीं, कैराना सांसद ने यूपी में महिला डिग्री कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और यमुना घाट का सुंदरीकरण कराने की मांग भी की। सांसद ने बजट 2025 को सरकार का हेडलाइन बटोरने का दस्तावेज बताया है।

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सांसद ने कहा कि देश का किसान खेती में बढ़ती लागत से परेशान हैं। यहां का नौजवान बेरोजगार हैं। आगे उन्होंने कहा कि GST की ऊंची दरों ने लोगों की कमर तोड़ दी है। खाद्य सामग्री और स्कूल की किताबों पर टैक्स कम होना चाहिए।

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इकरा हसन ने संसद में बेरोजगारी और महंगाई का उठाया मुद्दा  

इकरा हसन ने बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठाते हुए शायराना अंदाज में केंद्र और यूपी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। उन्होंने फैज अहमद फैज की लिखी कविता की दो लाइनें पढ़ीं की ‘बेदम हुए बीमार दवा क्यों नही देते’, ‘तुम अच्छे मसीहा हो शिफा क्यों नहीं देते’। आगे सांसद ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का बजट घटा दिया गया।

यूपी में गन्ना मूल्य तय नहीं किया गया

सांसद ने कहा कि सरकार के पास नौकरियों का आंकड़ा तक नहीं है। सरकारी विभागों में लाखों पद खाली हैं, लेकिन भर्ती नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि शामली में 84 डॉक्टर स्वीकृत हैं, लेकिन 29 कार्यरत हैं। उनका कहना था कि यूपी में गन्ना मूल्य तय नहीं किया गया। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं के अनुसार यूपी में 6 साल तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है।

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Amit Kasana

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अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
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