Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की पुलिस ने 7 राज्यों में आतंकी हमलों की साजिश को नाकाम किया है। जासूसी और रेकी करने वाले गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। पहीं अब तक गिरोह के 15 सदस्य पकड़े जा चुके है। पहले गिरफ्तार 6 जासूसों की निशानदेही पर ही अन्य 9 को दबोचा गया है। जांच और पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत में काम करता है।
नाबालिग आरोपियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच
बता दें कि गाजियाबाद पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आरोपियों में एक 9वीं क्लास का स्टूडेंट है। वहीं नाबालिग आरोपियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। आरोपियों ने 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड भी मिले हैं। आरोपी एक पाकिस्तानी, एक मलेशियाई और एक ब्रिटेन का नंबर इस्तेमाल करते थे। सैन्य ठिकानों, अडाणी-अंबानी जैसी बड़ी हस्तियों के घरों, संवेदनशील जगहों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान में अपने आका तक भेजते थे।
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देश के 7 राज्यों आतंकी हमले की साजिश रची थी
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, पकड़े गिए गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे देश के कई राज्यों में सीरियल ब्लास्ट करके आतंकी हमले करने की साजिश रच रहे थे। साजिश 2 साल पहले रची गई थी, जिसे इस साल अंजाम दिया जाना था। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जम्मू कश्मीर, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हमलों की साजिश थी। कौशांबी पुलिस ने 15 आरोपी पकड़ लिए है, जो 3 वॉट्सऐप ग्रुपों में जुड़े थे। इनका आका पाकिस्तान में बैठा है।
2 साल से चल रहा था भारत में जासूसी का खेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ISI के इशारे पर 2 साल से भारत में जासूसी का खेल गिरोह खेल रहा था। सैन्य ठिकानों, धार्मिक स्थलों,अडाणी-अंबानी के आवास के वीडियो, लोकेशन और फोटो पाकिस्तान भेजने से शुरुआत हुई थी। दूसरे चरण में 50 से अधिक जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाए जाने थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत में कैमरे लगाए जा चुके हैं। पंजाब से देश विरोधी गतिविधियां करते पकड़े गए सुहेल ने इस गिरोह और इसकी साजिशों का खुलासा पुलिस के सामने किया था।
दिल्ली के बाद जालंधर में धमाका किया जाना था
सुहेल के खुलासे के बाद पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई। आरोपियों पर UAPA की धारा लगाने की तैयारी है। सुहैल मलिक उर्फ रोमियो ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के पास बम धमाके के बाद अगला निशाना जालंधर शहर था। लेकिन स्लीपर सेल के पकड़े जाने के बाद ऐसा नहीं हो सका। सुहेल जालंधर जाने के निकला था, लेकिन रास्ते से ही अपन प्रेमिका से मिलने हिमाचल प्रदेश चला गया। हिमाचल से लौटते समय कौशांबी पुलिस ने उसे और उसके5 साथियों को दबोचकर जेल में बंद किया।
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मुंबई पोर्ट की रेकी करके वीडियो पाकिस्तान भेजे
गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ निवासी गणेश और गगन कुमार प्रजापति, कौशांबी निवासी विवेक तथा नवी मुंबई निवासी दुर्गेश निषाद को गिरफ्तार किया था। गणेश मूलरूप से नेपाल के लुंबिनी का निवासी है। विवेक मूलरूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 9 और जासूसों को दबोचा।
वहीं पुलिस को अब गिरोह के दो मुख्य आरोपी मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली और भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर को तलाश रही है। पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दुर्गेश ने मुंबई पोर्ट की रेकी करके पाकिस्तान में अपने आका को फोटो-वीडियो और लोकेशन भेजी थी। दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चलाता था, इसी दौरान उसने रेकी की। 26/11 आतंकी हमले और 1993 आतंकी हमले में समुद्री रास्तों से ही आतंकी आए थे।
Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की पुलिस ने 7 राज्यों में आतंकी हमलों की साजिश को नाकाम किया है। जासूसी और रेकी करने वाले गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। पहीं अब तक गिरोह के 15 सदस्य पकड़े जा चुके है। पहले गिरफ्तार 6 जासूसों की निशानदेही पर ही अन्य 9 को दबोचा गया है। जांच और पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत में काम करता है।
नाबालिग आरोपियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच
बता दें कि गाजियाबाद पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आरोपियों में एक 9वीं क्लास का स्टूडेंट है। वहीं नाबालिग आरोपियों की उम्र 15 से 17 साल के बीच है। आरोपियों ने 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड भी मिले हैं। आरोपी एक पाकिस्तानी, एक मलेशियाई और एक ब्रिटेन का नंबर इस्तेमाल करते थे। सैन्य ठिकानों, अडाणी-अंबानी जैसी बड़ी हस्तियों के घरों, संवेदनशील जगहों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान में अपने आका तक भेजते थे।
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देश के 7 राज्यों आतंकी हमले की साजिश रची थी
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, पकड़े गिए गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे देश के कई राज्यों में सीरियल ब्लास्ट करके आतंकी हमले करने की साजिश रच रहे थे। साजिश 2 साल पहले रची गई थी, जिसे इस साल अंजाम दिया जाना था। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जम्मू कश्मीर, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हमलों की साजिश थी। कौशांबी पुलिस ने 15 आरोपी पकड़ लिए है, जो 3 वॉट्सऐप ग्रुपों में जुड़े थे। इनका आका पाकिस्तान में बैठा है।
2 साल से चल रहा था भारत में जासूसी का खेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ISI के इशारे पर 2 साल से भारत में जासूसी का खेल गिरोह खेल रहा था। सैन्य ठिकानों, धार्मिक स्थलों,अडाणी-अंबानी के आवास के वीडियो, लोकेशन और फोटो पाकिस्तान भेजने से शुरुआत हुई थी। दूसरे चरण में 50 से अधिक जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाए जाने थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत में कैमरे लगाए जा चुके हैं। पंजाब से देश विरोधी गतिविधियां करते पकड़े गए सुहेल ने इस गिरोह और इसकी साजिशों का खुलासा पुलिस के सामने किया था।
दिल्ली के बाद जालंधर में धमाका किया जाना था
सुहेल के खुलासे के बाद पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई। आरोपियों पर UAPA की धारा लगाने की तैयारी है। सुहैल मलिक उर्फ रोमियो ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के पास बम धमाके के बाद अगला निशाना जालंधर शहर था। लेकिन स्लीपर सेल के पकड़े जाने के बाद ऐसा नहीं हो सका। सुहेल जालंधर जाने के निकला था, लेकिन रास्ते से ही अपन प्रेमिका से मिलने हिमाचल प्रदेश चला गया। हिमाचल से लौटते समय कौशांबी पुलिस ने उसे और उसके5 साथियों को दबोचकर जेल में बंद किया।
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वहीं पुलिस को अब गिरोह के दो मुख्य आरोपी मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली और भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर को तलाश रही है। पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दुर्गेश ने मुंबई पोर्ट की रेकी करके पाकिस्तान में अपने आका को फोटो-वीडियो और लोकेशन भेजी थी। दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चलाता था, इसी दौरान उसने रेकी की। 26/11 आतंकी हमले और 1993 आतंकी हमले में समुद्री रास्तों से ही आतंकी आए थे।