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कार पर डिप्लोमैट नंबर और ओमान का झंडा, खुद को बताता था हाई कमिश्नर; गाजियाबाद में ऐसे धरा गया VIP प्रोटोकॉल लेने वाला शातिर

गाजियाबाद पुलिस ने एक शातिर को अरेस्ट करने में सफलता हासिल की है। आरोपी खुद को ओमान का हाई कमिश्नर बताता था। आरोपी के कब्जे से पुलिस को एक कार और कुछ अन्य चीजें मिली हैं। पुलिस के सामने आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। विस्तार से मामले के बारे में जानते हैं।

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शक्ति सिंह, गाजियाबाद

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ओमान का हाई कमिश्नर बताकर वीवीआईपी प्रोटोकॉल ले रहा था। थाना कौशांबी पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी अधिकारियों और आम लोगों को गुमराह कर सरकारी विभागों से अनुचित लाभ उठा रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से नीली बत्ती लगी मर्सिडीज कार, फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट, आईडी कार्ड और विजिटिंग कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं।

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आरोपी फोन कर खुद को ओमान का हाई कमिश्नर बताता था और इसी बहाने कई विभागों से सुविधा और सुरक्षा हासिल कर लेता था। पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी की पहचान 66 वर्षीय डॉ. कृष्ण शेखर राणा के तौर पर हुई है, जो कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में VC रह चुका है। अब खुद को ओमान देश का हाई कमिश्नर बताकर यूपी, दिल्ली और हरियाणा में कई बार VIP प्रोटोकॉल ले चुका था।

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आरोपी पुलिस और प्रशासन को फर्जी लेटरहेड पर अपना प्रोग्राम भेजकर सरकारी सुविधाएं हासिल कर लेता था। उसने फर्जी हाई कमिश्नर बनकर गाजियाबाद, मथुरा और फरीदाबाद में भी वीआईपी प्रोटोकॉल लिया था। आरोपी अपनी कार पर 88 CD 01 नंबर की नीली प्लेट लगाता था। यही नहीं, कार पर ओमान देश का झंडा और वर्ल्ड ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन कमीशन का स्टीकर भी लगाया हुआ था। आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जिलाधिकारियों को भेजता था फर्जी पत्र

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कोई हाई कमिश्नर नहीं है, लेकिन वीआईपी सुविधा पाने के लालच में उसने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। उसने कबूला कि वह कई जिलों में जिलाधिकारियों को फर्जी पत्र भेजकर वीआईपी प्रोटोकॉल हासिल करता था। उसने फरवरी 2025 में दिल्ली के एक होटल में खुद को ओमान का हाई कमिश्नर बताकर चीफ गेस्ट के तौर पर भी शिरकत की थी। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। डीसीपी हिंडन निमिष पाटिल के अनुसार पुलिस पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह गिरोह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं?

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कौन है कृष्ण शेखर

कृष्ण शेखर राणा मूलरूप से आगरा का निवासी है और वर्तमान में 13 नेशनल पार्क रोड, लाजपत नगर 4 थाना अमर कॉलोनी, दिल्ली में रहता है। केएस राणा वर्ष 1982 से 2015 तक आगरा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था। उसका आगरा में कृष्णा कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी नाम का एक कॉलेज तथा राजस्थान में एक रिर्जेंट भी है। वर्ष 2015 में प्रोफेसर के पद से रिटायर होने के पश्चात राणा ने वर्ष 2015 से 2018 तक पर्यावरण मंत्रालय में अप्रेजल अथॉरिटी में काम किया। वह वर्ष 2018-2020 तक कुमांऊ यूनिवर्सिटी, नैनीताल (उत्तराखण्ड), वर्ष 2020 2021 तक अल्मोड़ा रेजिडेन्सियल यूनिवर्सिटी (उत्तराखण्ड), वर्ष 2021-2022 तक मेवाड़ यूनिवर्सिटी (राजस्थान) और वर्ष 2022-2024 तक जयपुर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर के रूप में कार्यरत रहा।

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