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नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ पर भूमि घोटाले का आरोप, ED ने भेजा नोटिस

Noida Authority: नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ पर भूमि घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा है। ED ने हैसिंडा प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले में IAS अधिकारी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इस मामले में ED इससे पहले कई अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है।

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Noida Authority: नोएडा अथॉरिटी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ED ने नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ और IAS अधिकारी संजीव सरन को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि हैसिंडा प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले में IAS अधिकारी संजीव सरन का नाम भी सामने आया है। Enforcement Directorate (ED) ने इससे पहले, इसी मामले में पूर्व IAS अधिकारी रमारमण से 8 घंटे तक पूछताछ की गई थी।

बीएसपी के कार्यकाल में हुआ घोटाला
बताया जा रहा है कि बहुजन समाज पार्टी के शासन के दौरान, नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ मोहिंदर सिंह के कार्यकाल में हैसिंडा प्रोजेक्ट प्रा. लि. को लगभग 36,000 वर्ग मीटर भूमि टाउनशिप विकसित करने के लिए आवंटित की गई थी। जिसके बाद कंपनी ने निवेशकों की राशि हड़पने के साथ-साथ भूमि का बड़ा हिस्सा प्रतीक ग्रुप को बेच दिया, बिना अथॉरिटी की अनुमति लिए और बिना निर्धारित भुगतान किए।

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एक साल से अधिकारियों से हो रही पूछताछ 

बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष (2024) ED ने हैसिंडा ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद से पूर्व अधिकारियों से पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ। इस मामले में कई अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। जबकि कई अधिकारियों से नंबर बारी पूछताछ की जा रही है।

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संजीव सरन की भूमिका

संजीव सरन ने 15 सितंबर 2005 से 16 मई 2007 और 4 मई 2012 से 21 जनवरी 2013 तक नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान भूमि आवंटन में हुई अनियमितताओं के कारण उन्हें जांच के दायरे में लाया गया है। इससे पहले, 2012 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संजीव सरन और तत्कालीन चेयरमैन राकेश बहादुर को नोएडा अथॉरिटी से हटाने का आदेश दिया था, जब 2005-07 के बीच होटल प्लॉट आवंटन में 4,721 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था।

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मोहिंदर सिंह और रमारमण भी शामिल

ED की छापेमारी के दौरान, पूर्व सीईओ मोहिंदर सिंह के चंडीगढ़ स्थित आवास से 1 करोड़ रुपये नकद, 12 करोड़ रुपये के हीरे, 7 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए थे। पूर्व IAS अधिकारी रमारमण ने अग्रिम जमानत के लिए विशेष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसका ईडी ने विरोध किया।

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मनी लॉन्ड्रिंग के तहत हो रही जांच

ED अब इस मामले में संजीव सरन को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है, और उन्हें जल्द ही दोबारा बुलाए जाने की संभावना है। यह मामला नोएडा अथॉरिटी के पूर्व अधिकारियों द्वारा बिल्डर्स को अनुचित लाभ पहुंचाने और सरकारी भूमि के दुरुपयोग से संबंधित है, जिसकी जांच ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की जा रही है।

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First published on: Apr 20, 2025 08:59 PM

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About the Author

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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