अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पहले दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन अब इस मामले में एक नया और गंभीर दावा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, जौनपुर के एक परिवार ने भगवान रामलला को जो हार और चरण पादुका अर्पित किए थे, वो भी गायब हैं. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) कई लोगों से पूछताछ कर रहा है. मंदिर में चढ़ावे और मूल्यवान वस्तुओं के रखरखाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर गायब हुई चीजें आखिर कहां गईं और उनके रिकॉर्ड में क्या दर्ज है. इस मामले में कुछ कर्मचारियों और मंदिर से जुड़े लोगों के नाम भी चर्चा में आए हैं, हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिला है.
ये भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: SIT के रडार पर टिन्नू यादव और कैश काउंटिंग टीम, बड़े एक्शन की तैयारी
मंदिर प्रशासन से पूछताछ जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मंदिर में चढ़ावे की गिनती, उसके रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, कृष्णदेव तिवारी और चार पुजारियों से पूछताछ की. दरअसल, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय देशभर से भक्तों ने मंदिर को कई कीमती वस्तुएं भेंट की थीं. इनमें 5,000 हीरों से जड़ा एक खास हार और सोने-चांदी से बनी चरण पादुका भी शामिल थी. अब इन वस्तुओं का नाम मंदिर की सार्वजनिक दान सूची में नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं.
भक्त ने भेंट किए थे हार और चरण-पादुका
राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सूरत के हीरा कारोबारी मुकेश पटेल ने लगभग 2 किलोग्राम वजन का एक खास हार भेंट किया था. इस हार में 5,000 से अधिक हीरे जड़े गए थे और इसे तैयार करने में करीब 40 कारीगरों ने 35 दिनों तक काम किया था. ये हार उस समय देशभर में चर्चा का विषय बना था. इसी तरह रामलला के लिए सोने और चांदी से बने चरण पादुका भी अयोध्या पहुंची थी. हैदराबाद के श्रद्धालु चला श्रीनिवास शास्त्री इसे लेकर लंबी पदयात्रा करते हुए अयोध्या पहुंचे थे. ये चरण पादुका करीब 8 से 9 किलोग्राम वजन की बताई गई थी और इसे भगवान राम को समर्पित किया गया था. मंदिर प्रशासन ने जो दान की लिस्ट सार्वजनिक की थी, उसमें इन दोनों प्रमुख उपहारों का साफ उल्लेख नहीं मिला. इसके बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इन बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड कहां है और इन्हें किस तरह सुरक्षित रखा गया है.
मंदिर प्रशासन का क्या कहना है?
हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी तरह की चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर को मिलने वाले दान और उपहारों का रिकॉर्ड अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है. ऐसे में किसी चीज का सार्वजनिक सूची में ना होना ये साबित नहीं करता कि वो गायब हो गई है. राम मंदिर को प्राण प्रतिष्ठा के बाद बड़ी मात्रा में नकद दान, सोना, चांदी और कई बहुमूल्य चीजें मिली थीं. ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर को करोड़ों रुपये का दान और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर मिले थे. फिलहाल हार और चरण पादुका को लेकर उठे सवालों ने लोगों का ध्यान खींचा है. श्रद्धालु चाहते हैं कि मंदिर को मिले खास उपहारों और उनके संरक्षण को लेकर पूरी पारदर्शिता बनी रहे.
ये भी पढ़ें: ‘SIT जांच से दूध का दूध और पानी का पानी…’, अयोध्या राम मंदिर के चंदा चोरी विवाद पर CM योगी का कड़ा रुख
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पहले दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन अब इस मामले में एक नया और गंभीर दावा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, जौनपुर के एक परिवार ने भगवान रामलला को जो हार और चरण पादुका अर्पित किए थे, वो भी गायब हैं. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) कई लोगों से पूछताछ कर रहा है. मंदिर में चढ़ावे और मूल्यवान वस्तुओं के रखरखाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर गायब हुई चीजें आखिर कहां गईं और उनके रिकॉर्ड में क्या दर्ज है. इस मामले में कुछ कर्मचारियों और मंदिर से जुड़े लोगों के नाम भी चर्चा में आए हैं, हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिला है.
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मंदिर प्रशासन से पूछताछ जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मंदिर में चढ़ावे की गिनती, उसके रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, कृष्णदेव तिवारी और चार पुजारियों से पूछताछ की. दरअसल, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय देशभर से भक्तों ने मंदिर को कई कीमती वस्तुएं भेंट की थीं. इनमें 5,000 हीरों से जड़ा एक खास हार और सोने-चांदी से बनी चरण पादुका भी शामिल थी. अब इन वस्तुओं का नाम मंदिर की सार्वजनिक दान सूची में नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं.
भक्त ने भेंट किए थे हार और चरण-पादुका
राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सूरत के हीरा कारोबारी मुकेश पटेल ने लगभग 2 किलोग्राम वजन का एक खास हार भेंट किया था. इस हार में 5,000 से अधिक हीरे जड़े गए थे और इसे तैयार करने में करीब 40 कारीगरों ने 35 दिनों तक काम किया था. ये हार उस समय देशभर में चर्चा का विषय बना था. इसी तरह रामलला के लिए सोने और चांदी से बने चरण पादुका भी अयोध्या पहुंची थी. हैदराबाद के श्रद्धालु चला श्रीनिवास शास्त्री इसे लेकर लंबी पदयात्रा करते हुए अयोध्या पहुंचे थे. ये चरण पादुका करीब 8 से 9 किलोग्राम वजन की बताई गई थी और इसे भगवान राम को समर्पित किया गया था. मंदिर प्रशासन ने जो दान की लिस्ट सार्वजनिक की थी, उसमें इन दोनों प्रमुख उपहारों का साफ उल्लेख नहीं मिला. इसके बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इन बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड कहां है और इन्हें किस तरह सुरक्षित रखा गया है.
मंदिर प्रशासन का क्या कहना है?
हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी तरह की चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर को मिलने वाले दान और उपहारों का रिकॉर्ड अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है. ऐसे में किसी चीज का सार्वजनिक सूची में ना होना ये साबित नहीं करता कि वो गायब हो गई है. राम मंदिर को प्राण प्रतिष्ठा के बाद बड़ी मात्रा में नकद दान, सोना, चांदी और कई बहुमूल्य चीजें मिली थीं. ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर को करोड़ों रुपये का दान और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर मिले थे. फिलहाल हार और चरण पादुका को लेकर उठे सवालों ने लोगों का ध्यान खींचा है. श्रद्धालु चाहते हैं कि मंदिर को मिले खास उपहारों और उनके संरक्षण को लेकर पूरी पारदर्शिता बनी रहे.
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