Ram Mandir Daan Chori: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, अब रामलला का हार और चरण पादुका भी गायब, फिर घेरे में आए टिन्नू यादव

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. अब रामलला के हार और चरण पादुका के गायब होने की बात भी सामने आई है. मामले की जांच कर रही एसआईटी कई लोगों से पूछताछ कर रही है और मंदिर प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं.

Ram Mandir Daan Chori

Credit: News24

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पहले दान और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन अब इस मामले में एक नया और गंभीर दावा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, जौनपुर के एक परिवार ने भगवान रामलला को जो हार और चरण पादुका अर्पित किए थे, वो भी गायब हैं. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) कई लोगों से पूछताछ कर रहा है. मंदिर में चढ़ावे और मूल्यवान वस्तुओं के रखरखाव को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर गायब हुई चीजें आखिर कहां गईं और उनके रिकॉर्ड में क्या दर्ज है. इस मामले में कुछ कर्मचारियों और मंदिर से जुड़े लोगों के नाम भी चर्चा में आए हैं, हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिला है.

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मंदिर प्रशासन से पूछताछ जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी मंदिर में चढ़ावे की गिनती, उसके रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, कृष्णदेव तिवारी और चार पुजारियों से पूछताछ की. दरअसल, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय देशभर से भक्तों ने मंदिर को कई कीमती वस्तुएं भेंट की थीं. इनमें 5,000 हीरों से जड़ा एक खास हार और सोने-चांदी से बनी चरण पादुका भी शामिल थी. अब इन वस्तुओं का नाम मंदिर की सार्वजनिक दान सूची में नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं.

भक्त ने भेंट किए थे हार और चरण-पादुका

राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सूरत के हीरा कारोबारी मुकेश पटेल ने लगभग 2 किलोग्राम वजन का एक खास हार भेंट किया था. इस हार में 5,000 से अधिक हीरे जड़े गए थे और इसे तैयार करने में करीब 40 कारीगरों ने 35 दिनों तक काम किया था. ये हार उस समय देशभर में चर्चा का विषय बना था. इसी तरह रामलला के लिए सोने और चांदी से बने चरण पादुका भी अयोध्या पहुंची थी. हैदराबाद के श्रद्धालु चला श्रीनिवास शास्त्री इसे लेकर लंबी पदयात्रा करते हुए अयोध्या पहुंचे थे. ये चरण पादुका करीब 8 से 9 किलोग्राम वजन की बताई गई थी और इसे भगवान राम को समर्पित किया गया था. मंदिर प्रशासन ने जो दान की लिस्ट सार्वजनिक की थी, उसमें इन दोनों प्रमुख उपहारों का साफ उल्लेख नहीं मिला. इसके बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इन बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड कहां है और इन्हें किस तरह सुरक्षित रखा गया है.

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मंदिर प्रशासन का क्या कहना है?

हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी तरह की चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर को मिलने वाले दान और उपहारों का रिकॉर्ड अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है. ऐसे में किसी चीज का सार्वजनिक सूची में ना होना ये साबित नहीं करता कि वो गायब हो गई है. राम मंदिर को प्राण प्रतिष्ठा के बाद बड़ी मात्रा में नकद दान, सोना, चांदी और कई बहुमूल्य चीजें मिली थीं. ट्रस्ट के मुताबिक, मंदिर को करोड़ों रुपये का दान और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर मिले थे. फिलहाल हार और चरण पादुका को लेकर उठे सवालों ने लोगों का ध्यान खींचा है. श्रद्धालु चाहते हैं कि मंदिर को मिले खास उपहारों और उनके संरक्षण को लेकर पूरी पारदर्शिता बनी रहे.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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