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रेप के आरोप अवैध हो सकते हैं, पढ़ें इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

Allahabad High Court Rape Case Verdict: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म केस में आरोपी युवक के पक्ष में बेहद अहम फैसला सुनाया है। एक बच्ची की मां ने उस पर FIR दर्ज कराई थी, लेकिन हाईकोर्ट की जांच और पूछताछ में मामला कुछ और ही निकला।

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Allahabad High Court Rape Case Verdict: दुष्कर्म के आरोप अवैध हो सकते हैं। क्योंकि रेप नहीं हुआ होता और आरोप लगा दिए जाते हैं, इस वजह से लड़की खुद परेशान होती है, दूसरों को भी बेवजह परेशानी होती है। ऐसे में अगर दुष्कर्म हुआ ही नहीं तो दुष्कर्म होने के आरोप लगाना भी अवैध है।

यह फैसला उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया है, साथ ही रेप केस भी खारिज कर दिया गया है। जस्टिस राजीव मिश्र की पीठ ने फैसला सुनाया। बुलंदशहर के पहासू थानाक्षेत्र निवासी संजय गौड़ ने आपराधिक पुनर्निरीक्षण याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करने के बाद अहम फैसला जस्टिस ने सुनाया।

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फैसले में एक्सप्लेन की गईं रेप की धाराएं

जस्टिस ने अपने फैसले में कहा कि अगर रेप हुआ है तो यह IPC की धारा 375 के तहत अपराध है। अगर रेप नहीं हुआ है तो यहा धारा 376AB के तहत अपराध नहीं है। मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता ने रेप के आरोप भी नहीं लगाए, फिर भी युवक के खिलाफ IPC की धारा 376AB/511, 504 और पाक्सो एक्ट की धारा 9M/10 के तहत FIR दर्ज कर दी गई, जो खारिज की जाती है।

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आरोपी युवक ने भी अपने बयान में यही कहा कि उसने बच्ची को हाथ तक नहीं लगाया, इसलिए उसके खिलाफ रेप का केस नहीं बनता। मजिस्ट्रेट के सामने भी बच्ची ने रेप या किसी तरह की गलत हरकत की बात नहीं कही।

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मां ने बच्ची का मेडिकल नहीं कराया था

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट में याचिका दायर करके युवक के खिलाफ धारा 376AB के तहत लगाए गए आरोपों को चुनौती दी गई थी। याची ने अपनी सफाई में बताया कि न बच्ची ने रेप होने की बात कही। न उसकी मां ने अपने बयान में रेप होने की बात कही। मां ने अपनी बच्ची का मेडिकल कराने से भी मना कर दिया था।

ऐसे में उस पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार है। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में जो रेप के आरोप लगाए हैं, वह खुद से बनाए गए हैं। इसलिए याचिका दायर करके आरोपों की वैधता को चुनौती दी गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपों को खारिज कर दिया गया।

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First published on: May 12, 2024 10:56 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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