Akhilesh Yadav Interview: लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है। बीजेपी और सपा ने अपने कुछ पत्ते खोल दिए हैं, जबकि काफी कुछ साफ होना बाकी है। यूपी के दिलचस्प सियासी समीकरण के बीच समाजवादी पार्टी ने भी चौंका दिया। सपा ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को पहले बदायूं से टिकट दिया, लेकिन कुछ दिन बाद
अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को इस सीट पर चुनावी मैदान में उतार दिया गया। इसके बाद इस सवाल ने सियासी गलियारों में जोर पकड़ लिया कि आखिर क्या वजह रही कि धर्मेंद्र यादव के बजाय शिवपाल को मैदान में उतारा गया।
इसे लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्थिति साफ करने की कोशश की। अखिलेश यादव ने 'मंथन उत्तर प्रदेश' कार्यक्रम में शिरकत कर न्यूज 24 की एडिटर इन चीफ अनुराधा प्रसाद से खास बातचीत में इस सवाल का जवाब दिया।
https://twitter.com/news24tvchannel/status/1765366660004028607
ये सब हमारी रणनीति का हिस्सा
अखिलेश यादव ने कहा- हमने एक जगह मजबूत प्रत्याशी दिया है। दूसरी जगह भी हम मजबूत प्रत्याशी देंगे। हमारे चाचा सीनियर लीडर हैं और वे काफी मजबूत प्रत्याशी हैं। धर्मेंद्र यादव भी कई बार सांसद रह चुके हैं और वे भी मजबूत प्रत्याशी हैं। इसलिए एक लोकसभा में एक मजबूत प्रत्याशी और दूसरी लोकसभा में दूसरा मजबूत प्रत्याशी होना चाहिए। ये सब हमारी रणनीति का हिस्सा है कि हमें किसे कहां से लड़ाना है। अखिलेश के बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि धर्मेंद्र यादव को किसी दूसरी सीट से मैदान में उतारा जा सकता है।
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क्या धर्मेंद्र यादव को टिकट मिलेगा?
इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि चाचा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ऐसे में सेफ सीट होनी चाहिए। वहीं धर्मेंद्र कई बार सांसद रह चुके हैं तो इसलिए उन्हें और सेफ सीट मिलनी चाहिए। जब अगली सूचियां आएंगी तो सभी के सामने क्लियर हो जाएगा कि कौन कहां से चुनाव लड़ रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि अखिलेश यादव आजमगढ़ और कन्नौज दो सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उन सीटों पर धर्मेंद्र यादव को प्रभारी बनाया जाएगा। सियायी गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि धर्मेंद्र यादव का टिकट काटकर समाजवादी पार्टी ने सियासी संदेश दिया है। इसके साथ ही पूर्व सांसद सलीम शेरवानी के साथ ही पूर्व विधायक आबिद रजा को साधने की कोशिश की है।
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Akhilesh Yadav Interview: लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है। बीजेपी और सपा ने अपने कुछ पत्ते खोल दिए हैं, जबकि काफी कुछ साफ होना बाकी है। यूपी के दिलचस्प सियासी समीकरण के बीच समाजवादी पार्टी ने भी चौंका दिया। सपा ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को पहले बदायूं से टिकट दिया, लेकिन कुछ दिन बाद अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को इस सीट पर चुनावी मैदान में उतार दिया गया। इसके बाद इस सवाल ने सियासी गलियारों में जोर पकड़ लिया कि आखिर क्या वजह रही कि धर्मेंद्र यादव के बजाय शिवपाल को मैदान में उतारा गया।
इसे लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्थिति साफ करने की कोशश की। अखिलेश यादव ने ‘मंथन उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम में शिरकत कर न्यूज 24 की एडिटर इन चीफ अनुराधा प्रसाद से खास बातचीत में इस सवाल का जवाब दिया।
ये सब हमारी रणनीति का हिस्सा
अखिलेश यादव ने कहा- हमने एक जगह मजबूत प्रत्याशी दिया है। दूसरी जगह भी हम मजबूत प्रत्याशी देंगे। हमारे चाचा सीनियर लीडर हैं और वे काफी मजबूत प्रत्याशी हैं। धर्मेंद्र यादव भी कई बार सांसद रह चुके हैं और वे भी मजबूत प्रत्याशी हैं। इसलिए एक लोकसभा में एक मजबूत प्रत्याशी और दूसरी लोकसभा में दूसरा मजबूत प्रत्याशी होना चाहिए। ये सब हमारी रणनीति का हिस्सा है कि हमें किसे कहां से लड़ाना है। अखिलेश के बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि धर्मेंद्र यादव को किसी दूसरी सीट से मैदान में उतारा जा सकता है।
क्या धर्मेंद्र यादव को टिकट मिलेगा?
इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि चाचा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ऐसे में सेफ सीट होनी चाहिए। वहीं धर्मेंद्र कई बार सांसद रह चुके हैं तो इसलिए उन्हें और सेफ सीट मिलनी चाहिए। जब अगली सूचियां आएंगी तो सभी के सामने क्लियर हो जाएगा कि कौन कहां से चुनाव लड़ रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि अखिलेश यादव आजमगढ़ और कन्नौज दो सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उन सीटों पर धर्मेंद्र यादव को प्रभारी बनाया जाएगा। सियायी गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि धर्मेंद्र यादव का टिकट काटकर समाजवादी पार्टी ने सियासी संदेश दिया है। इसके साथ ही पूर्व सांसद सलीम शेरवानी के साथ ही पूर्व विधायक आबिद रजा को साधने की कोशिश की है।
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