उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी थोड़ा वक्त बाकी है एक तरफ जहां सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी अपनी रणनीति पर काम कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ सपा मुखिया अखिलेश यादव भी अपने पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक समीकरण को धार देने में जुटे हुए हैं अखिलेश यादव ने आज राजधानी लखनऊ में एक बड़ा ऐलान करते हुए यह कहा की उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर महाराजा बिजली पासी की सोने की बड़ी प्रतिमा गोमती रिवर फ्रंट पर लगाई जाएगी.
यह ऐलान ठीक उस वक्त किया गया है जब कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में तीन बड़े महापुरुषों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 65 -65 फीट ऊंची कांस्य की प्रतिमा राष्ट्र प्रेरणा केंद्र पर लगाई गई है.
धोख़ा देने के लिए होगा मंत्री मंडल विस्तार
दरअसल अखिलेश यादव आज पार्टी मुख्यालय पर नेताओं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे इस दौरान अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर आ गया है और भाजपा जनता को गुमराह करने के लिए धोखा देने के लिए जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार भी करेगी लेकिन अब समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ पर काम करना होगा. अखिलेश ने यह भी कहा कि इस बात पर अब ज्यादा ध्यान देना होगा कि किसी भी विद्या मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से काटने ना पाए.
पहले भी पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक समीकरण को धार देते रहे हैं अखिलेश यादव
यह कोई पहला मौका नहीं है जब अखिलेश यादव ने एक बड़े महापुरुष की प्रतिमा वह भी सोने की लगवाने का ऐलान किया है इसके पहले भी कभी पंचांग जैसे मुद्दों को लेकर अखिलेश यादव अपने पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने का सियासी संदेश देते रहे हैं.










