Sukhdev Singh Gogamedi के ‘हत्यारे’ आखिर कैसे 5 दिन बाद पुलिस के हाथ लगे?

Sukhdev Singh Gogamedi Murder Update: पुलिस ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के हत्यारे 5 दिन बाद दबोच लिए, लेकिन आखिर पुलिस उन तक कैसे पहुंची और 5 दिन वे कहां छिपे रहे, जानिए।

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Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case Latest Update: श्री राजपूत करनी सेना के प्रमुख Sukhdev Singh Gogamedi के दोनों हत्यारों को पुलिस ने दबोच लिया। हत्यारोपी रोहित राठौर, नितिन फ़ौजी और उनके तीसरे सहयोगी ऊधम को राजस्थान पुलिस की SIT और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मिलकर चंडीगढ़ सेक्टर 22A से दबोचा। शनिवार को पुलिस ने दोनों को मदद करने के आरोपी नितिन के सहपाठी रामवीर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस दोनों बदमाशों को लेकर दिल्ली आ गई है। आज दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर रविंद्र यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद दोनों आरोपियों को राजस्थान पुलिस जयपुर लेकर जाएगी, लेकिन 5 दिन बार आखिर कैसे गोगामेड़ी के हत्यारे पुलिस के हाथ लगे?

 

सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान पुलिस SIT और दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस गोगामेड़ी के हत्यारोपियों तक सर्विलांस के जरिए पहुंची। आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसे पुलिस ने ट्रेस कर लिया। आरोपियों ने हालांकि छिपने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन चाहे कितना ही शातिर अपराधी क्यों न हो, कोई न कोई चूक कर ही देता है। ऐसी ही एक चूक मोबाइल इस्तेमाल करके गोगामेड़ी के हत्यारोपियों ने की। वारदात अंजाम देने के बाद नितिन और रोहित राजस्थान से ट्रेन में हरियाणा आए और हिसार गए। हिसार से बस लेकर मनाली पहुंचे। मनाली से मंडी होते हुए चंडीगढ़ आए। होटल में रुके और शनिवार रात को शराब पीने के लिए सेक्टर 22-ए में ठेके पर आए, लेकिन पुलिस के हाथ लग गए। वारदात के बाद दोनों ने हथियार छिपा दिए थे, जिन्हें पुलिस रिकवर करेगी।

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रोहित गोदारा के गुर्गों के संपर्क में थे दोनों हत्यारे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नितिन और रोहित वारदात के बाद से ही गैंगस्टर रोहित गोदारा के राइट हैंड वीरेंद्र चाहन और दानाराम के टच में थे। सूत्रों के मुताबिक, रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को मरवाने की जिम्मेदारी वीरेंद्र चाहन और दानाराम को ही सौंपी थी। नितिन और रोहित के जरिए पुलिस इन दोनों तक पहुंचने की फिराक में है। वहीं पुलिस मामले में ऊधम की भूमिका की जांच भी कर रही है। वहीं शनिवार को गिरफ्तार किए रामवीर ने ही नितिन फौजी को जयपुर तक आने में मदद की थी। महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली के सुरेती पिलानिया गांव का रहने वाला है। वह नितिन का दोस्त है। दोनों महेंद्रगढ़ के प्राइवेट स्कूल में साथ-साथ पढ़ते थे। नितिन 12वीं करके सेना में भर्ती हो गया और रामवीर आगे की पढ़ाई के जयपुर पहुंच गया। हाल ही में वह महेंद्रगढ़ लौटा था।

First published on: Dec 10, 2023 08:02 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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