Rajasthan CM OSD Lokesh Sharma Attack Ashok Gehlot: कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी फूट चुनाव हारते ही सामने आ गई है। कभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे खास रहे ओएसडी लोकेश शर्मा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही बगावत के सुर छेड़ दिए। उन्होंने कांग्रेस की हार के लिए अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया। लोकेश शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है। मैं नतीजों से आहत जरूर हूं, लेकिन अचंभित नहीं। कांग्रेस पार्टी #Rajasthan में निःसंदेह रिवाज बदल सकती थी, लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी की हार है।
''गहलोत ने पार्टी को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया''
लोकेश शर्मा ने गहलोत पर इसके बाद कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें फ्री हैंड देकर चुनाव लड़ा, लेकिन न उनका अनुभव चला, न जादू। हर बार की तरह कांग्रेस को उनकी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिली और न ही अथाह पिंक प्रचार काम आया। तीसरी बार लगातार सीएम रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। लोकेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा- गहलोत ने आज तक पार्टी से सिर्फ़ लिया ही लिया है, लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए।
https://twitter.com/_lokeshsharma/status/1731313530140578212
आलाकमान के साथ फरेब करने का आरोप
इसके साथ ही लोकेश शर्मा ने गहलोत पर आलाकमान के साथ फरेब करने और सही फीडबैक न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमाम फीडबैक और सर्वे को दरकिनार कर उन्होंने अपनी मनमर्जी से फैसले लिए। साथ ही अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को उनकी स्पष्ट हार को देखते हुए भी टिकट दिलवाने की जिद की। मैं मुख्यमंत्री को यह पहले बता चुका था, कई बार आगाह कर चुका था, लेकिन उन्हें कोई ऐसी सलाह या व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था जो सच बताए।
‘राजस्थान: किस सीट से कौन जीता, यहां देखें’
मैंने लगभग 127 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्ट सीएम को लाकर दी। बीडी कल्ला जी के लिए मैंने 6 महीने पहले बता दिया था कि वे 20 हजार से ज्यादा मत से चुनाव हारेंगे और वही हुआ। लोकेश शर्मा ने कहा कि 25 सितंबर की घटना भी पूरी तरह से प्रायोजित थी। आलाकमान के खिलाफ विद्रोह कर अवमानना की गई और उसी दिन से यह खेल शुरू हो गया था।
दरअसल, 25 सितंबर 2022 को राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी। उस वक्त कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर अशोक गहलोत दावेदार थे। हालांकि उन्होंने बाद में नाम वापस ले लिया था। कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में कई नेताओं पर कार्रवाई की थी। बताते चलें कि लोकेश शर्मा को राजस्थान में बीजेपी नेताओं के फोन टैपिंग मामले में आरोपी हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=smEmDRmlO1o
Rajasthan CM OSD Lokesh Sharma Attack Ashok Gehlot: कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी फूट चुनाव हारते ही सामने आ गई है। कभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे खास रहे ओएसडी लोकेश शर्मा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही बगावत के सुर छेड़ दिए। उन्होंने कांग्रेस की हार के लिए अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया। लोकेश शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है। मैं नतीजों से आहत जरूर हूं, लेकिन अचंभित नहीं। कांग्रेस पार्टी #Rajasthan में निःसंदेह रिवाज बदल सकती थी, लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी की हार है।
”गहलोत ने पार्टी को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया”
लोकेश शर्मा ने गहलोत पर इसके बाद कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें फ्री हैंड देकर चुनाव लड़ा, लेकिन न उनका अनुभव चला, न जादू। हर बार की तरह कांग्रेस को उनकी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिली और न ही अथाह पिंक प्रचार काम आया। तीसरी बार लगातार सीएम रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। लोकेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा- गहलोत ने आज तक पार्टी से सिर्फ़ लिया ही लिया है, लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए।
आलाकमान के साथ फरेब करने का आरोप
इसके साथ ही लोकेश शर्मा ने गहलोत पर आलाकमान के साथ फरेब करने और सही फीडबैक न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमाम फीडबैक और सर्वे को दरकिनार कर उन्होंने अपनी मनमर्जी से फैसले लिए। साथ ही अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को उनकी स्पष्ट हार को देखते हुए भी टिकट दिलवाने की जिद की। मैं मुख्यमंत्री को यह पहले बता चुका था, कई बार आगाह कर चुका था, लेकिन उन्हें कोई ऐसी सलाह या व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था जो सच बताए।
‘राजस्थान: किस सीट से कौन जीता, यहां देखें’
मैंने लगभग 127 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्ट सीएम को लाकर दी। बीडी कल्ला जी के लिए मैंने 6 महीने पहले बता दिया था कि वे 20 हजार से ज्यादा मत से चुनाव हारेंगे और वही हुआ। लोकेश शर्मा ने कहा कि 25 सितंबर की घटना भी पूरी तरह से प्रायोजित थी। आलाकमान के खिलाफ विद्रोह कर अवमानना की गई और उसी दिन से यह खेल शुरू हो गया था।
दरअसल, 25 सितंबर 2022 को राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी। उस वक्त कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर अशोक गहलोत दावेदार थे। हालांकि उन्होंने बाद में नाम वापस ले लिया था। कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में कई नेताओं पर कार्रवाई की थी। बताते चलें कि लोकेश शर्मा को राजस्थान में बीजेपी नेताओं के फोन टैपिंग मामले में आरोपी हैं।