Rajasthan 7 Wonders Park Buldozer Action: राजस्थान के अजमेर में सेवन वंडर्स पार्क पर बुलडोजर एक्शन लिया गया है। कहा जा रहा है की नियम कायदों को ताक पर रखकर अनासगार झील के तट पर यह सेवन वंडर्स पार्क बनवाया गया था। इसे बनाने में करोड़ों रुपए का खर्चा आया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने स्मार्ट सिटी के नाम पर जारी धन से सेवन वंडर्स बनाए जाने पर आश्चर्य जताते हुए इसे तोड़ने का आदेश जारी कर दिया और देखते ही देखते इसे मिट्टी में मिला दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने अजमेर को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए विकास कामों के लिए करोड़ों रूपये जारी किए थे। तीर्थराज पुष्कर से 18 किलोमीटर दूर अजमेर, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और पृथ्वीराज चौहान की राजधानी के लिए मशहूर है। स्मार्ट प्रोजेक्ट योजना के जिन पैसों से सड़क, नालों और विकास से जुड़े निर्माण कार्य करवाने थे लेकिन अजमेर के बाबुओं ने सरकार में बैठे आपने आकाओं को खुश करने के लिए यहां करोड़ों की इसी रकम से सेवन वंडर्स बनवा दिया।
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8 करोड़ से बना था पार्क
करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से सेवन वंडर्स का निर्माण किया गया और एक प्राईवेट कंपनी को 87 लाख के सालाना राशि में इसके रखरखाव और चलाने का ठेका भी दे दिया गया। मामला जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो दोनों ने इसे अवैध बताते हुए तोड़ने के आदेश जारी कर दिए।
कांग्रेस पर लगाया आरोप
अजमेर से आने वाले राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत का कहना है कि स्मार्ट सिटी का पैसा आखिरकार जनता की गाढ़ी कमाई का था। कांग्रेस सरकार के दौरान NGT के आदेश की अवहेलना करते हुए यह सब काम किया गया था। इस मामले में आरोपी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डिप्टी मेयर ने दिया बयान
अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन के अनुसार पीएम के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूर्ववर्ती सरकार ने भ्रष्टाचार को मूल मंत्र बना दिया था। केंद्र के रुपयों को इस तरह बर्बाद किया और यहां के अधिकारियों ने भी इसमें साथ दिया। आनासागर को छोटा करके यहां फूड पार्क और सेवन वंडर्स बना दिया गया। पैसों की बंदरबांट अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच हुई। भाजपा तो शुरू से ही इसका विरोध कर आंदोलन कर रही थी।
NGT और सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुलडोजर चलाना पड़ा। इस इलाके में बार-बार बारिश के कारण बाढ़ के हालत बनने लगे थे। दरअसल, इस सेवन वंडर्स को खूबसूरत आनासागर झील के तट पर बनवाया गया था। इसके आसपास जो दुकानें और भवन खड़े हुए थे, उसके कारण बारिश में पानी जमा होने और बाढ़ की स्थिति ने अजमेर के लोगों को बेहाल करके रख दिया।
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