Jaipur Cattle Shed School: जयपुर जिले के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल को, जिसकी पुरानी बिल्डिंग को अनसेफ घोषित किए जाने के बाद 18 छात्र मवेशियों के बाड़े में क्लास कर रहे थे, आखिरकार एक सेफ टेम्पोरेरी लोकेशन पर शिफ्ट कर दिया गया है. स्कूल शनिवार 22 अगस्त की सुबह एक स्थानीय निवासी के घर में फिर से खुला. ग्रामीणों के अधिकारियों से संपर्क करने और बच्चों के लिए तुरंत कोई विकल्प मांगने के बाद शिक्षा विभाग ने इस अस्थायी व्यवस्था को मंजूरी दी.
अभिजीत दीपके ने दी थी चेतावनी
ये इंतेजाम ग्रामीणों और कॉकरोच जनता पार्टी के मेंबर्स के बीच हुई बहस के बाद हुआ. ये टीम सरकारी स्कूलों की हालत को सामने लाने के मकसद से अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत इलाके का दौरा कर रही थी. विवाद के बाद, CJP के फाउंडर और कंवेनर अभिजीत दीपके ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि अगर अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो वो जयपुर में विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसके बाद ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर छात्रों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का दबाव बनाया. एक स्थानीय निवासी ने अपना घर देने की पेशकश की, जिससे पक्की स्कूल बिल्डिंग बनने तक क्लास एक छत के नीचे चल सकें.
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आशुतोष रांका का रिएक्शन
बाद में आशुतोष रांका ने एक्स पर इस बदलाव को 'CJP का असर' बताया. उन्होंने ये भी दावा किया कि थानागाजी के जोधावास में एक और स्कूल में मरम्मत का काम शुरू हो गया है, जहां एक क्षतिग्रस्त ढांचे को तोड़ा जा रहा था और क्लासरूम का मेकओवर किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि वॉशरूम और खेल का मैदान बनाने की भी प्लानिंग है.
राज्य शिक्षा मंत्री का बयान
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुजारिश की है कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक गतिविधियों का अड्डा नहीं बनना चाहिए. उन्होंने स्कूलों को 'पवित्र परिसर' कहा और कहा कि उनका मेन फोकस छात्रों, शिक्षा और वैल्यूज पर होना चाहिए. इससे पहले, राजस्थान भर में निरीक्षण करने की CJP की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बिना इजाजत घुसने, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगा दी थी.
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